बिलबोर्ड मामले में शेक्सपियर सरणी थाने में पेश हुए अभिषेक बनर्जी
उल्लेखनीय है कि 27 अगस्त को कमैक स्ट्रीट स्थित अभिषेक के कार्यालय से एक बिलबोर्ड हटाने को लेकर विवाद हुआ था। उस समय उनके समर्थकों की पुलिस और कोलकाता नगर निगम के अधिकारियों के साथ तीखी बहस हुई थी। आरोप है कि धक्का-मुक्की के बीच पुलिस जबरन कमैक स्ट्रीट स्थित उस इमारत की छत पर गई और तृणमूल के नाम तथा चुनाव चिह्न (जोड़ा फूल) वाला बिलबोर्ड हटा दिया।
सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक था बिलबोर्ड: प्रशासन
प्रशासन का दावा था कि बिलबोर्ड अवैध रूप से लगाया गया था और इलाके की सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक था। हालांकि, बाद में अभिषेक के समर्थकों ने उसी स्थान पर समान नाम और चिह्न वाला एक बैनर लगा दिया था। इस घटना को लेकर शेक्सपियर सरणी थाने में कुल तीन एफआईआर दर्ज की गई थीं।
'इंडी' के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने दिल्ली गए थे अभिषेक
कमैक स्ट्रीट मामले में इससे पहले एक सितंबर को भी अभिषेक को तलब किया गया था और तब भी वह पूछताछ के लिए पेश हुए थे। जांचकर्ताओं ने आगे की पूछताछ के लिए उन्हें फिर से समन भेजा था। सात अक्टूबर को पुलिस उन्हें नोटिस देने गई थी, लेकिन किसी ने उसे स्वीकार नहीं किया। दरअसल, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्षी गठबंधन 'इंडी' के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए अभिषेक दिल्ली गए हुए थे। शनिवार को उनके कोलकाता लौटने के बाद रविवार को शेक्सपियर सरणी थाने की पुलिस दोबारा उनके कालीघाट स्थित आवास पर पहुंची थी।















