बेलूर मठ और जयरामबाटी में पूरे विधि-विधान से संपन्न हुई कुमारी पूजा, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब
कोलकाता, हर साल की तरह इस साल भी रामकृष्ण मठ और मिशन के मुख्यालय बेलूर मठ में पूरे हर्षोल्लास और विधि-विधान के साथ कुमारी पूजा का आयोजन किया गया। सोमवार सुबह से ही इस अलौकिक अनुष्ठान का साक्षी बनने और दर्शन के लिए मठ परिसर में अनगिनत भक्तों और दर्शनार्थियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।
इस वर्ष बेलूर मठ में हुगली जिले के रिसड़ा की रहने वाली कन्या देवादृता बनर्जी को 'कुमारी' के रूप में पूजा गया। देवादृता की उम्र पांच साल, नौ महीने और इक्कीस दिन है। वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक अनुष्ठानों के बीच उन्हें देवी के 'सुभगा' रूप में पूजा गया। कुमारी रूपी देवी के दर्शन और उनका आशीर्वाद पाने के लिए श्रद्धालु काफी लालायित नजर आए।
बेलूर मठ के साथ-साथ बांकुड़ा जिले के जयरामबाटी स्थित मातृमंदिर में भी पूरी श्रद्धा और पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार कुमारी पूजा संपन्न हुई। मां सारदा की पावन जन्मस्थली जयरामबाटी में आयोजित इस विशेष पूजा को देखने के लिए राज्य के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में भक्तगण एकत्रित हुए। दोनों ही पवित्र स्थलों पर भक्ति और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिला, जहां श्रद्धालुओं ने पूर्ण आस्था के साथ देवी की आराधना की।















