कोलकाता, आर.जी. कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में लिफ्ट हादसे में एक युवक की मौत के मामले में केंद्रीय जांच की मांग उठी है। इस संबंध में कलकत्ता उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर कर केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो से जांच कराने की मांग की गई है।

याचिकाकर्ता अधिवक्ता फिरोज एडुलजी ने बताया कि 19 मार्च को आर.जी. कर अस्पताल में अरूप बनर्जी की लिफ्ट दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई थी। उनका आरोप है कि इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही के स्पष्ट संकेत मिले हैं, इसलिए निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच जरूरी है।

याचिका में यह भी उल्लेख किया गया है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले इसी अस्पताल में एक महिला चिकित्सक छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या की घटना के बाद भारत का उच्चतम न्यायालय ने स्वतः संज्ञान लिया था। उस समय राज्य सरकार ने अस्पताल के बुनियादी ढांचे में सुधार का काम 31 अक्टूबर 2024 तक पूरा करने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में कमी के कारण ऐसी घटना फिर होने का आरोप लगाया गया है।

यह जनहित याचिका मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पाल की पीठ में दायर की गई है। याचिकाकर्ता ने यह भी मांग की है कि कोलकाता पुलिस द्वारा टाला थाने में 20 मार्च को दर्ज प्राथमिकी की जांच सीबीआई को सौंपी जाए तथा घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का निर्देश दिया जाए।

याचिका में मृतक के परिवार को उचित मुआवजा देने और सुरक्षा संबंधी सिफारिशों को तत्काल लागू करने की भी मांग की गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

उल्लेखनीय है कि नागेरबाजार निवासी अरूप बनर्जी की मौत अस्पताल की लिफ्ट के दरवाजे में फंसने से हुई थी। मामले की जांच के लिए कोलकाता पुलिस की फॉरेंसिक टीम ने अस्पताल के ट्रॉमा केयर विभाग में घटनास्थल का निरीक्षण किया और लिफ्ट की तकनीकी खराबी तथा दुर्घटना के कारणों की जांच की।

इस मामले में पुलिस ने अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें तीन लिफ्ट संचालक और दो सुरक्षा कर्मी शामिल हैं।

इसी बीच सोमवार तड़के अस्पताल में एक और घटना सामने आई, जहां सुबह चार बजे के करीब बाथरूम में गिरने से एक वृद्ध व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस दोनों घटनाओं की जांच कर रही है।