चोरबगान हादसा : सिक्योरिटी गार्ड राजेश गिरफ्तार, न्याय की आस में माता-पिता ने पूछा- पुलिस की मौजूदगी में उसे क्यों पकड़ा?
कोलकाता, कोलकाता के चोरबगान सार्वजनीन पूजा पंडाल में मची भगदड़ और उसमें 19 लोगों की मौत के मामले में पुलिस की धरपकड़ जारी है। इसी कड़ी में पुलिस ने हुगली जिले के गोघाट स्थित भगवानपुर निवासी राजेश पाल को गिरफ्तार किया है, जो पंडाल में सिक्योरिटी गार्ड (सुरक्षाकर्मी) के तौर पर काम कर रहे थे। बेटे की गिरफ्तारी की खबर गांव पहुंचते ही राजेश के माता-पिता सदमे में हैं और रो-रोकर निष्पक्ष जांच की गुहार लगा रहे हैं।
राजेश एक बेहद गरीब मजदूर परिवार से आते हैं, जहां हर दिन कुआं खोदकर पानी पीने जैसी स्थिति है। परिवार के भरण-पोषण और आर्थिक तंगी को दूर करने काे राजेश हर साल दुर्गा पूजा के दौरान कुछ अतिरिक्त कमाई की आस में सिक्योरिटी गार्ड का काम करने कोलकाता आते थे। इस बार भी वह इसी उम्मीद के साथ अपना घर छोड़कर महानगर आए थे। लेकिन उन्हें इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि वह इतनी बड़ी त्रासदी में उलझ जाएंगे।
बेटे की गिरफ्तारी से बदहवास राजेश के पिता जितेन पाल ने बताया कि घटना के बाद उन्होंने अपने बेटे से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा था। पहले तो उन्हें कुछ समझ नहीं आया, लेकिन बाद में कोलकाता में काम करने गए गांव के अन्य लोगों से फोन पर बात होने के बाद उन्हें पूरी घटना और राजेश की गिरफ्तारी की जानकारी मिली।
जितेन पाल ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस प्रशासन खुद मौजूद था, तो उनके बेटे को क्यों गिरफ्तार किया? उन्होंने सरकार से गुहार लगाते हुए कहा कि उनका बेटा बेकसूर है और उसे सुरक्षित घर वापस भेजा जाना चाहिए। वहीं, राजेश की मां ने बताया कि रात करीब डेढ़ बजे उनके बेटे ने पिता के फोन पर एक तस्वीर भेजी थी, उसके बाद क्या हुआ, उन्हें कुछ नहीं पता। परिवार की मांग है कि कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच हो ताकि असली सच्चाई सामने आ सके।
गौरतलब है कि, प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार शाम करीब 7:40 बजे तेज बारिश शुरू होने के बाद चोरबगान पंडाल के निकास द्वार पर दर्शनार्थियों का भारी दबाव बन गया था। संकरा गेट ब्लॉक हो जाने के कारण पंडाल के अंदर लोगों की भीड़ बेकाबू हो गई और एक साथ बाहर निकलने की होड़ में भगदड़ जैसी स्थिति पैदा हो गई।
इस दर्दनाक हादसे में पैरों तले कुचलकर 19 लोगों की मौत हो गई। इस भारी लापरवाही के मामले में कोलकाता पुलिस ने अब तक कुल 7 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आयोजकों के साथ-साथ यह सिक्योरिटी गार्ड भी शामिल है।















