पटना (PATNA): बिहार में एनडीए की प्रचंड जीत का श्रेय नीतीश कुमार द्वारा शिक्षा और रोज़गार के क्षेत्र में किए गए बड़े सुधारों के साथ-साथ कानून और शासन में किए गए अन्य सुधारों को दिया जा सकता है. एक बार और मिली इस जीत के बाद एनडीए की सरकार बढ़-चढ़ कर शिक्षा और रोज़गार के नए शिकर कायम करेंगी. आइए पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए गए प्रमुख शिक्षा और रोज़गार सुधारों पर एक नज़र डालते हैं.

ड्रॉपआउट छात्रों पर ध्यान: बिहार में 2005 में छात्रों के बीच स्कूल छोड़ने की दर 12 प्रतिशत थी, जो 2020 में घटकर 1.72 प्रतिशत रह गई. नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा में किए गए बड़े सुधारों - महिला शिक्षा, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्रों और अन्य सुविधाओं के लिए लक्षित योजनाओं - ने स्कूल छोड़ने के अनुपात को कम करने में मदद की. बिहार के मुख्यमंत्री ने हाल ही में मध्याह्न भोजन रसोइयों और स्कूल रात्रि प्रहरियों के वेतन में वृद्धि की घोषणा की. मध्याह्न भोजन रसोइयों को अब 3,300 रुपये और माध्यमिक या उच्च शिक्षा विद्यालयों में कार्यरत रात्रि प्रहरी को 10,000 रुपये मिलेंगे. 

मुख्यमंत्री साइकिल योजना: शिक्षा सुधारों में नीतीश कुमार की नीतियों को व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है. उनमें से एक है मुख्यमंत्री साइकिल योजना, जिसके तहत शुरुआत में लड़कियों को साइकिल प्रदान की जाती थी और अब यह सभी हाई स्कूल के छात्रों को सहायता प्रदान करती है. अन्य नीतियों के साथ-साथ यह साइकिल योजना छात्राओं को स्कूल आने के लिए आकर्षित करती है. लाभार्थियों को 2,000 से 3,000 रुपये मिलते हैं.

मुफ़्त यूनिफ़ॉर्म: वर्ष 2000 में शुरू की गई मुफ़्त यूनिफ़ॉर्म योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) और हाशिए पर पड़े वर्गों के छात्रों को लाभ पहुंचाती है. प्राथमिक शिक्षा के छात्रों के लिए शुरू की गई इस योजना का 2015 के बाद उच्च कक्षाओं तक विस्तार किया गया.

डिजिटल शिक्षा: 2018 में शुरू की गई 'उन्नयन बिहार योजना' के तहत, 25,000 से ज़्यादा स्कूलों में कंप्यूटर लैब और स्मार्ट क्लासरूम बनाए गए, जिन्हें 2025 तक बढ़ाकर 50,000 और कर दिया गया. इस योजना के तहत स्कूलों को डिजिटल टीवी और कंप्यूटर दिए गए.

बेरोज़गारी भत्ता: मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना के तहत, बेरोज़गार युवाओं को दो साल तक 1,000 रुपये मासिक भत्ता दिया जाता है.

मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना: मुख्यमंत्री महिला रोज़गार योजना का उद्देश्य महिलाओं द्वारा संचालित सूक्ष्म उद्यमों को मज़बूत करना है. यह योजना पात्र महिला उद्यमियों को 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता प्रदान करती है.

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना: बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का उद्देश्य 12वीं कक्षा पूरी करने के बाद बीए, बीएससी, बीटेक या एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को उच्च शिक्षा ऋण प्रदान करना है. छात्र बेहद कम ब्याज दरों पर 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं.

प्रोत्साहन एवं छात्रवृत्ति: मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मैट्रिक या इंटरमीडिएट में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जाती है. मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग मेधावृत्ति योजना, मैट्रिक में प्रथम श्रेणी प्राप्त करने वाले पिछड़े वर्ग के विद्यार्थियों को एकमुश्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है.