मप्र के स्टार्ट-अप और विभागों ने किया ‘सशक्त भारत के लिए एआई आधारित सुशासन’ सॉल्यूशंस का प्रदर्शन

भोपाल,  ‘सशक्त भारत के लिए एआई आधारित सुशासन’ के विजन पर आधारित मध्य प्रदेश के 14 प्रमुख स्टार्ट-अप और विभिन्न शासकीय विभागों के नवाचारों के प्रदर्शन से नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट–2026’ में ‘एमपी पेवेलियन’ विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

जनसम्पर्क अधिकारी जूही श्रीवास्तव ने बताया कि मंगलवार को मध्य प्रदेश पेवेलियन में कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, औद्योगिक स्वचालन, डिजिटल हेल्थ केयर, संचार प्रशिक्षण और रोबोटिक्स जैसे विविध क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के व्यावहारिक उपयोग की सशक्त झलक प्रस्तुत की गई है।

उन्होंने बताया कि स्टार्ट-अप श्रेणी में नोवोसएज (एग्रीदूत) ने एआई, एमएल, आईओटी और जीआईएस आधारित प्रिसीजन फार्मिंग प्लेटफॉर्म प्रदर्शित किया, जो किसानों को रीयल-टाइम खेत-स्तरीय जानकारी, फसल रोग पूर्वानुमान और उपग्रह आधारित विश्लेषण उपलब्ध कराता है और 15 से अधिक एफपीओ और 15,000 से अधिक किसानों को सेवा दे रहा है। 

नुआइग ने हेल्थ टेक और वृद्धजन देखभाल के लिए एआई एजेंट, प्रिडिक्टिव केयर इंजन और डॉक्टर–रोगी संवाद के स्वचालित सारांश जैसे समाधान प्रस्तुत किए। क्वासी इंटेलिजेंस ने ‘क्वासी विज़न प्लेटफॉर्म’ के माध्यम से चौबीस घंटे औद्योगिक सुरक्षा निगरानी, उत्पादन ट्रैकिंग और वेयरहाउस विश्लेषण की सुविधा प्रदर्शित की, जबकि ग्रेडिन डॉट एआई ने प्रिडिक्टिव मेंटेनेंस तकनीक से उद्योगों की परिचालन लागत में 15–20 प्रतिशत तक कमी की संभावनाएं दर्शाईं।

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, आईआईटीआई दृष्टि सीपीएस फाउंडेशन (आईआईटी इंदौर) ने हाई-फिडेलिटी पेशेंट सिम्युलेटर, पोर्टेबल टेस्ट किट और एआई डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल हेल्थ केयर नवाचार प्रस्तुत किए। कॉमोनिफाई (कॉमन स्कूल) ने एआई-आधारित इमर्सिव कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से इंटरव्यू, मीटिंग और पेशेवर प्रशिक्षण के लिए रीयल-टाइम फीडबैक आधारित समाधान प्रदर्शित किया। आरएसईएनएल एआई फिल्म्स ने जनरेटिव एआई आधारित सिनेमैटिक स्टोरीटेलिंग मॉडल प्रस्तुत किया, जो कम लागत में उच्च गुणवत्ता वाले विजुअल निर्माण को संभव बनाता है। यंगोवेटर ने रोबोटिक्स एवं स्टेम शिक्षा के लिए ह्यूमनॉइड और थ्रीडी प्रिंटेड रोबोट सहित इंटरैक्टिव लैब प्रदर्शित की, जिसने अब तक 25,000 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है।

इसी तरह जैंगोह (न्यूज़ेरा टेक लैब्स) ने सॉवरेन एआई आधारित समाधान जैसे भीड़ विश्लेषण, बहुभाषीय अनुवाद और सरकारी योजना सहायता प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किए। आस्कगैलोर ने थ्रीडी एआई डिजिटल ह्यूमन असिस्टेंट प्रदर्शित किए जो बहुभाषीय और संदर्भ-संवेदनशील संवाद में सक्षम हैं। रिमोट फिज़ियोस ने आईओटी और एआई आधारित टेली-रिहैबिलिटेशन प्लेटफॉर्म के माध्यम से घर बैठे विशेषज्ञ निगरानी में उपचार की सुविधा दिखाई। ट्रायोसॉफ्ट टेक्नोलॉजीज़ ने एआई-सक्षम एक्सआर इनडोर नेविगेशन सिस्टम का प्रदर्शन किया जो जटिल परिसरों में जीपीएस रहित मार्गदर्शन प्रदान करता है। प्लांटिक्स ने एआई आधारित डिजिटल क्रॉप इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया, जो 800 से अधिक फसल रोगों का उच्च सटीकता से निदान कर 22 मिलियन किसानों को सशक्त बना रहा है।

समिट में मध्य प्रदेश के शासकीय विभागों ने भी एआई-सक्षम शासन और सार्वजनिक सेवा वितरण के अभिनव मॉडल प्रस्तुत किए। मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड ने डिजिटल पर्यटन प्रचार उपकरणों का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने तपेदिक जोखिम पूर्वानुमान ‘पाटो’, एआई आधारित जांच एवं ‘सुमन सखी’ जैसे सार्वजनिक स्वास्थ्य समाधान प्रदर्शित किए। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग (मनरेगा) ने एआई आधारित जिला प्रदर्शन प्रणाली प्रस्तुत की, जबकि नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने ‘एमपी अर्बन लॉकर’ सहित शहरी शासन से जुड़े डिजिटल नवाचारों का प्रदर्शन किया। एमपी पेवेलियन राज्य की तकनीकी प्रगति, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और एआई-सक्षम सुशासन की दिशा में उठाए जा रहे ठोस कदमों का प्रभावी उदाहरण बनकर उभरा है।