नई दिल्ली,   वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) के सचिव एम. नागराजू ने शनिवार को ऋण वसूली तंत्र को सुदृढ़ करने के लिए डीआरएटी अध्यक्षों और डीआरटी पीठासीन अधिकारियों का एक सम्मेलन आयोजित किया। इस सम्मेलन का उद्देश्य लंबित मामलों को कम करना और मामलों के निपटान में तेजी लाना था।

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में बताया कि वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने यहां के विज्ञान भवन में ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरणों (डीआरएटी) के अध्यक्षों और ऋण वसूली न्यायाधिकरणों (डीआरटी) के पीठासीन अधिकारियों का सम्मेलन आयोजित किया। सम्मेलन को डीएफएस सचिव एम. नागराजू ने प्रतिभागियों को संबोधित किया, जिनमें डीएफएस के वरिष्ठ अधिकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के बैंकों के प्रतिनिधि और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन शामिल थे।

मंत्रालय के मुताबिक चर्चाओं का मुख्य केंद्र लंबित मामलों को कम करना और मामलों के निपटान में तेजी लाना था। लक्षित प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से क्षमता निर्माण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर नए सिरे से जोर दिए जाने के कारण, डीआरटी के मासिक निपटान दरों में उत्साहजनक वृद्धि देखी गई है। न्यायाधिकरणों से आग्रह किया गया कि वे अच्छा प्रदर्शन करने वाले डीआरटी द्वारा अपनाई गई सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों का अनुकरण करें।

मंत्रालय ने कहा कि वित्तीय सेवा विभाग नीतिगत संवाद, सुधार और कामकाज में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के तौर पर ऋण वसूली अपीलीय न्यायाधिकरणों के अध्यक्षों और ऋण वसूली न्यायाधिकरणों के पीठासीन अधिकारियों की नियमित बैठकें आयोजित करता रहता है। इन प्रयासों ने विचारों के रचनात्मक आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया है, जिनमें से कई न्यायाधिकरणों के कामकाज में ठोस सुधारों में परिणत हुए हैं, जिससे न्यायाधिकरणों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करना भी संभव हुआ है और उन्हें सफल मॉडलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।