रांची: झारखंड में चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। पिछले तीन दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हो रही रुक-रुककर बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में सुबह के समय कुहासा और धुंध छाने लगी है। बारिश के बाद ठंडी हवाओं ने लोगों को सर्दी का एहसास कराना शुरू कर दिया है। अब सुबह और शाम के समय हल्के गर्म कपड़ों की जरूरत महसूस होने लगी है।

मौसम में आए इस बदलाव का असर आम जनजीवन पर भी दिखाई दे रहा है। लगातार बादल छाए रहने और बारिश के कारण दिन के तापमान में गिरावट आई है। कई इलाकों में दिन के समय भी मौसम ठंडा बना हुआ है। वहीं, सुबह की धुंध के कारण सड़कों पर दृश्यता प्रभावित होने लगी है।

कमजोर पड़ रहा है चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर

मौसम संबंधी रिपोर्टों के मुताबिक, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का प्रभाव अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहा है। इसका असर आंध्र प्रदेश, ओडिशा और छत्तीसगढ़ के रास्ते झारखंड के मौसम पर भी देखने को मिला। तूफान के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में बारिश हुई और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक की स्थिति बनी।

हालांकि, तूफान का प्रभाव कमजोर होने के बावजूद 30 अक्टूबर को राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने पलामू, गढ़वा, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज सहित कुछ जिलों के लिए सावधानी बरतने की चेतावनी दी है।

रांची समेत कई जिलों में तापमान में गिरावट

लगातार बारिश के कारण झारखंड के कई जिलों में अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। रांची में 29 अक्टूबर को अधिकतम तापमान 21.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसी अवधि में मेदिनीनगर, जमशेदपुर, बोकारो और चाईबासा में भी अधिकतम तापमान में गिरावट देखी गई।

बारिश के कारण दिन में धूप नहीं निकलने और ठंडी हवाओं के चलने से लोगों को सामान्य दिनों की तुलना में अधिक ठंड महसूस हो रही है। मौसम साफ होने के बाद रात के तापमान में और गिरावट आने की संभावना है।

सुबह-सुबह कोहरे की चादर में लिपटी राजधानी

शुक्रवार, 30 अक्टूबर की सुबह रांची के कई इलाकों में कुहासा देखने को मिला। शहर की सड़कों, खुले मैदानों और आसपास के क्षेत्रों में धुंध छाई रही। सुबह घर से निकलने वाले लोगों को ठंडी हवा का सामना करना पड़ा। मॉर्निंग वॉक पर जाने वाले कई लोग गर्म कपड़ों में नजर आए।

मौसम में अचानक आए बदलाव के कारण सुबह और देर शाम के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर वाहन चालकों को कोहरे के दौरान धीमी गति से वाहन चलाने और पर्याप्त दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

31 अक्टूबर से धीरे-धीरे सुधर सकता है मौसम

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 30 अक्टूबर के बाद चक्रवाती तूफान का प्रभाव कमजोर पड़ने से बारिश की तीव्रता में कमी आ सकती है। हालांकि, राज्य के कुछ हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है। रांची में भी 31 अक्टूबर और उसके बाद कुछ दिनों तक बादल तथा गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम साफ होने के बाद रात के तापमान में गिरावट आ सकती है। ऐसे में नवंबर की शुरुआत के साथ झारखंड में ठंड का असर धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है।

किसानों पर भी पड़ा बारिश का असर

लगातार बारिश का असर खेती-किसानी पर भी देखने को मिला है। कुछ क्षेत्रों में धान की पक चुकी फसल को तेज बारिश और हवा से नुकसान पहुंचने की खबर है। वहीं, जिन इलाकों में धान की फसल अभी पूरी तरह तैयार नहीं हुई है, वहां बारिश से खेतों में नमी बढ़ने का लाभ मिल सकता है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जमा अतिरिक्त पानी निकालने और सब्जियों के पौधों को सहारा देने की सलाह दी है। पक चुकी धान की फसल को लेकर किसानों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है।

मौसम खराब होने पर इन बातों का रखें ध्यान

  • गरज-चमक के दौरान खुले मैदान और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।

  • बिजली कड़कने के समय सुरक्षित और पक्के भवन के अंदर रहें।

  • कोहरे के दौरान वाहन धीमी गति से चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें।

  • बारिश के दौरान जलजमाव वाले रास्तों से गुजरने में सावधानी बरतें।

  • किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही खेतों में जरूरी काम करने चाहिए।

कुल मिलाकर, चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के कमजोर पड़ने के बावजूद झारखंड में मौसम का बदला मिजाज फिलहाल लोगों को राहत और परेशानी दोनों का एहसास करा रहा है। बारिश से गर्मी से राहत मिली है, लेकिन तापमान में गिरावट, ठंडी हवाओं और सुबह के कोहरे ने सर्दी की दस्तक दे दी है। आने वाले दिनों में मौसम साफ होने के साथ रात की ठंड और बढ़ सकती है।

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