रांची/नई दिल्ली: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार, 30 अक्टूबर को दिल्ली दौरे पर रवाना होंगे। अपने इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री इंडिया गठबंधन के नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होंगे। इसके साथ ही वह दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली गठबंधन की 'वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली में भी हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री के इस दौरे को राष्ट्रीय राजनीति और विपक्षी दलों के बीच समन्वय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली के लिए रवाना होंगे मुख्यमंत्री

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को दोपहर करीब 12 बजे रांची के बिरसा मुंडा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। दिल्ली में उनके कई राजनीतिक कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। इस दौरान वह विपक्षी गठबंधन के प्रमुख नेताओं के साथ मुलाकात और बैठक में शामिल होंगे।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से बुलाई गई बैठक में इंडिया गठबंधन के विभिन्न घटक दलों के प्रमुख नेताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों, चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और विपक्षी दलों की आगे की रणनीति पर चर्चा होगी।

SIR और मतदाता सूची का मुद्दा रहेगा प्रमुख

इंडिया गठबंधन की ओर से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। विपक्षी दलों का आरोप है कि इस प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने और चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

गठबंधन के नेता इस मुद्दे को लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव से जोड़कर उठा रहे हैं। बैठक में इन मुद्दों पर संयुक्त रणनीति तैयार करने और आगे के आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा होने की संभावना है।

1 नवंबर को रामलीला मैदान में होगी 'वोट बचाओ-देश बचाओ' महारैली

दिल्ली दौरे का एक प्रमुख कार्यक्रम 1 नवंबर को रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली इंडिया गठबंधन की महारैली है। इस रैली को 'वोट बचाओ-देश बचाओ' नाम दिया गया है। इसके माध्यम से विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण, कथित वोट अनियमितताओं और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की तैयारी कर रहे हैं।

कांग्रेस सहित गठबंधन के विभिन्न सहयोगी दलों के नेता इस रैली में शामिल होंगे। विपक्षी दलों की ओर से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। रैली से पहले दिल्ली में गठबंधन के नेताओं के बीच बैठकों का दौर भी जारी है।

हेमंत सोरेन की मौजूदगी के राजनीतिक मायने

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का दिल्ली दौरा झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की राष्ट्रीय विपक्षी राजनीति में भागीदारी के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। इंडिया गठबंधन में शामिल जेएमएम की ओर से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक कार्यक्रमों में लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहे हैं।

दिल्ली में होने वाली बैठक और महारैली के माध्यम से विपक्षी दलों के बीच आपसी तालमेल, साझा मुद्दों और आगामी राजनीतिक गतिविधियों को लेकर चर्चा होगी। ऐसे में हेमंत सोरेन की भागीदारी से झारखंड की राजनीतिक आवाज भी इस राष्ट्रीय मंच पर सामने आएगी।

झारखंड की राजनीति पर भी पड़ सकती है नजर

मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे के दौरान राष्ट्रीय राजनीति के साथ-साथ झारखंड से जुड़े मुद्दों पर भी गठबंधन के नेताओं के बीच चर्चा होने की संभावना है। खासकर केंद्र सरकार की नीतियों, राज्यों के अधिकारों और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर विपक्षी दल अपना साझा रुख सामने रख सकते हैं।

फिलहाल मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। अब सभी की नजरें 1 नवंबर को रामलीला मैदान में होने वाली महारैली पर टिकी हैं, जहां इंडिया गठबंधन के नेता एक मंच से अपनी रणनीति और मांगों को सामने रखेंगे।

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