रांची: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL परीक्षा में कथित अनियमितता मामले में आरोपी अभय तिवारी की पत्नी सुषमा तिवारी की जमानत याचिका पर CID की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले से संबंधित केस डायरी CID से तलब की है। केस डायरी अदालत में पेश होने के बाद सुषमा की जमानत याचिका पर आगे सुनवाई होगी।

सुषमा तिवारी को CID ने JSSC CGL परीक्षा में कथित अनियमितता के मामले में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ और रिमांड की प्रक्रिया पूरी होने पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया।

केस डायरी के आधार पर होगी जमानत पर आगे सुनवाई

अदालत ने मामले की जांच से जुड़े दस्तावेजों और केस डायरी को पेश करने का निर्देश दिया है। जमानत याचिका पर फैसला लेने से पहले अदालत जांच की प्रगति और आरोपी के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन कर सकती है।

ऐसे में CID की ओर से केस डायरी पेश किए जाने के बाद अगली सुनवाई महत्वपूर्ण होगी। हालिया रिपोर्ट के मुताबिक इसी JSSC CGL मामले में अभय तिवारी की जमानत याचिका पर भी CID की विशेष अदालत ने केस डायरी तलब की थी और 5 सितंबर को अगली सुनवाई निर्धारित की गई थी।

अभय तिवारी की पत्नी और भाई भी गिरफ्तार

JSSC CGL मामले की जांच के दौरान CID ने अभय तिवारी की पत्नी सुषमा तिवारी और भाई अक्षय तिवारी को भी गिरफ्तार किया था। दोनों को पूछताछ के बाद न्यायिक हिरासत में भेजा गया। इससे पहले CID ने अभय तिवारी, सुषमा और अक्षय से मामले को लेकर पूछताछ की थी।

जांच एजेंसी कथित परीक्षा अनियमितता के नेटवर्क, अभ्यर्थियों से संपर्क और परीक्षा से जुड़ी गतिविधियों में आरोपियों की कथित भूमिका की जांच कर रही है।

जांच में कई अभ्यर्थी भी CID के रडार पर

मामले की जांच आगे बढ़ने के साथ CID ने परीक्षा में सफल हुए कई अभ्यर्थियों से भी पूछताछ की है। रिपोर्टों के अनुसार जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितता का नेटवर्क किस तरह संचालित हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

जांच के दौरान अभय तिवारी से पूछताछ को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। रिपोर्टों में जांच एजेंसी के हवाले से परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को प्रश्न-उत्तर उपलब्ध कराए जाने के आरोपों का उल्लेख किया गया है। हालांकि इन आरोपों की अंतिम पुष्टि अदालती प्रक्रिया और जांच के निष्कर्ष से ही होगी।

अब आगे क्या होगा?

फिलहाल सुषमा तिवारी की जमानत याचिका पर अदालत के अगले कदम का इंतजार है। केस डायरी पेश होने के बाद अदालत जांच में उपलब्ध सामग्री और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करेगी। इसके बाद जमानत को लेकर फैसला हो सकता है।

JSSC CGL मामले में CID की जांच लगातार जारी है और आने वाले दिनों में अन्य संदिग्धों तथा आरोपियों को लेकर भी कार्रवाई की संभावना बनी हुई है।