60 हजार का लोन दिलाने के नाम पर सैकड़ों महिलाओं से लाखों की ठगी
किशनगंज, फर्जी माइक्रो फाइनेंस कंपनी बनाकर लोन देने के नाम पर सैकड़ों लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले अंतरजिला गिरोह का किशनगंज पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना राजू कुमार को एसटीएफ एवं स्थानीय पुलिस के सहयोग से वैशाली जिले के सराय थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपी के पास से ठगी के 50 हजार रुपये नकद, एक लैपटॉप और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। शुक्रवार को पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गिरोह ने फिनसपोर्ट माइक्रो फाउंडेशन के नाम पर सीमांचल क्षेत्र में ठगी का नेटवर्क फैला रखा था। मामले का खुलासा तब हुआ, जब ठाकुरगंज थाना क्षेत्र के भिमवालीस चौक वार्ड संख्या-4 निवासी लक्ष्मी देवी ने 8 मई 2026 को प्राथमिकी दर्ज कराई।शिकायत के अनुसार, कंपनी के एजेंट गांवों में पहुंचकर चार-चार महिलाओं का समूह बनाकर प्रत्येक सदस्य को 60 हजार रुपये का लोन दिलाने का झांसा देते थे।
इसके लिए लोन कार्ड बनवाने और घरेलू उपयोग के सामान खरीदने के नाम पर प्रत्येक महिला से चार से सात हजार रुपये जमा कराए गए। 4 मई को जिलेबिया मोड़ स्थित कंपनी के कार्यालय में करीब 200 महिलाओं से रुपये वसूले गए। 8 मई को सामान घर पहुंचाने और लोन देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर कार्यालय में ताला लटका मिला और सभी कर्मचारी फरार थे।
इस संबंध में ठाकुरगंज थाना कांड संख्या 148/26 दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। एसपी संतोष कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला आसूचना इकाई को तकनीकी एवं मानवीय सूचना जुटाने का निर्देश दिया। जांच में फिनसपोर्ट माइक्रो फाउंडेशन फर्जी कंपनी पाई गई। इसके बाद एसडीपीओ-2 मनोज कुमार सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की मदद से वैशाली में छापेमारी कर राजू कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने गिरोह में बिहार के कई जिलों के दर्जनों लोगों के शामिल होने की जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, गिरोह सोशल मीडिया पर नौकरी का विज्ञापन देकर ऑनलाइन साक्षात्कार के माध्यम से युवाओं को भर्ती करता था। प्रशिक्षण के बाद उन्हें ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यालय खुलवाकर लोन के नाम पर लोगों से रुपये वसूलने के लिए भेजा जाता था। 10 से 15 दिनों तक प्रचार करने के बाद एक साथ रकम वसूलकर आरोपी कार्यालय बंद कर फरार हो जाते थे। पुलिस अब ठाकुरगंज और पोठिया समेत सीमांचल के अन्य क्षेत्रों में हुई ठगी तथा गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।














