मनरेगा के तहत महोगनी के पेड़ से 40 लाख तक की आय का अनुमान
सुपौल, जिले में मनरेगा एवं विकसित भारत-जी राम जी योजना के
तहत कराए जा रहे वृक्षारोपण कार्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से रविवार
को उप विकास आयुक्त (डीडीसी) इंद्रवीर कुमार ने किशनपुर प्रखंड की
तुलापट्टी पंचायत का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने वृक्षारोपण की नई एवं
पुरानी योजनाओं का जायजा लिया और दो नए यूनिट में वृक्षारोपण कार्य का
शुभारंभ किया।
वृक्षारोपण की शुरुआत करते हुए डीडीसी ने लाभुक
किसानों से बातचीत की तथा पेड़ लगाने के सामाजिक, आर्थिक एवं पर्यावरणीय
लाभों की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल
करने और उनकी उत्तरजीविता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
इस दौरान
तुलापट्टी पंचायत में करीब सात वर्ष पुरानी वृक्षारोपण योजना का भी
निरीक्षण किया गया। जानकारी के अनुसार लगभग सात वर्ष पूर्व दो यूनिट में
400 महोगनी के पौधे लगाए गए थे।
अधिकारियों के अनुसार अगले पांच से
सात वर्षों में पेड़ पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। यदि एक पेड़ की
कीमत न्यूनतम 10 हजार रुपये भी मानी जाए तो 400 पेड़ों से किसान को करीब 40
लाख रुपये की आय हो सकती है। खास बात यह है कि पौधे लगाने से लेकर पांच
वर्ष तक मजदूरी का भुगतान सरकार की ओर से किया गया है। डीडीसी ने कहा कि
वृक्षारोपण न केवल पर्यावरण संरक्षण का माध्यम है, बल्कि किसानों के लिए
भविष्य में आय का एक बेहतर स्रोत भी बन सकता है।
उन्होंने उपस्थित
जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे गांवों में लोगों को वृक्षारोपण से होने
वाले आर्थिक एवं पर्यावरणीय लाभों की जानकारी दें। उन्होंने सभी संबंधित
पदाधिकारियों एवं कर्मियों को भी वृक्षारोपण के महत्व और इससे होने वाले
आर्थिक लाभ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से
अधिक लोग वृक्षारोपण के लिए प्रेरित हो सकें।
मौके पर निदेशक
एनईपी, डीआरडीए सुपौल अनित कुमार, कार्यक्रम पदाधिकारी पंकज गिरी, कनीय
अभियंता मिथिलेश कुमार, पीटीए, पीआरएस सहित ग्राम पंचायत के जनप्रतिनिधि
एवं अन्य कर्मी मौजूद थे।















