सीवान, महावीरी सरस्वती शिशु मंदिर स्थित कृष्णचंद्र गांधी मीडिया सेंटर द्वारा मीडिया जगत के आद्य पत्रकार देवर्षि नारद जी की जयंती के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में शिक्षाविद, समाजसेवी और पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।इस अवसर पर विद्या भारती के विभाग निरीक्षक अनिल कुमार राम ने कहा कि देशभक्ति और भारतीय संस्कृति के मूल्यों को मजबूत करने में मीडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है।

उन्होंने कहा कि संवाद और संचार की शक्ति ही समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम है। देवर्षि नारद को सृष्टि का प्रथम संवाददाता बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके संवाद में समाज और जनकल्याण की भावना निहित थी।कार्यक्रम में प्रोफेसर रविन्द्र नाथ पाठक सहित अन्य वक्ताओं ने आधुनिक पत्रकारिता पर अपने विचार रखते हुए कहा कि तकनीक के विकास से भले ही पत्रकारिता की गति तेज हुई हो, लेकिन उसका मूल उद्देश्य आज भी समाज को जोड़ना और सही जानकारी देना ही है।

आज सूचना का आदान-प्रदान मिनटों में संभव है, जिससे समाज में जागरूकता बढ़ी है।प्रो. पाठक ने कहा कि समाज में बढ़ती आक्रामक प्रवृत्ति के बीच संवाद, धैर्य और सहनशीलता को अपनाना बेहद जरूरी है। उनका मानना था कि किसी भी व्यक्ति या समुदाय के विकास का सबसे महत्वपूर्ण आधार संवाद है। यदि व्यक्ति अपने व्यवहार में संयम और धैर्य अपनाता है, तो वह समाज के हित में सकारात्मक योगदान दे सकता है।वक्ताओं ने प्राचीन भारतीय परंपरा और ऋषि-मुनियों की शिक्षाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सभी जीवों के कल्याण की भावना हमारी संस्कृति की मूल आत्मा है।

भगवान बुद्ध के जीवन प्रसंगों में भी करुणा, त्याग और संवाद की महत्ता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है।कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि शिक्षा और मीडिया का गहरा संबंध है। समाचार पत्र, सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए छात्र-छात्राएं ज्ञान अर्जित कर रहे हैं और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।

वक्ताओं ने अपील की कि विकास की दौड़ में भारतीय संस्कृति और परंपराओं को पीछे नहीं छोड़ा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

इस अवसर पर ओमप्रकाश मिश्र,नीरज पाठक,जादूगर विजय, इंदल कुमार सिंह, मिथिलेश कुमार सिंह, अमर नाथ शर्मा , प्रोफेसर अवधेश शर्मा , नवीन सिंह परमार, सचिन पर्वत, अखिलेश कुमार श्रीवास्तव एवं कमलेश नारायण सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।