सारण में 30-36 घंटे की विसर्जन शोभायात्रा के बाद हनुमान जी की विदाई, प्रशासन ने ली राहत की सांस
सारण, जिले के ऐतिहासिक रिविलगंज प्रखंड में भगवान हनुमान जी के ननिहाल से जुड़ी अनोखी और पारंपरिक मूर्ति विसर्जन शोभायात्रा का समापन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। लगभग 30 से 36 घंटे तक अनवरत चली इस विसर्जन शोभायात्रा में भगवान हनुमान जी अपने ननिहाल के श्रद्धालुओं के घर घर पहुंचकर मिलन किया और श्रद्धालु भी अपनी श्रद्धा, भक्ति और समर्थ के अनुसार मेवा मिष्ठान और विभिन्न प्रकार की मालाओं से उनका स्वागत सत्कार आरती के उपरांत अगले वर्ष पुनः आने की प्रार्थना कर अपने आराध्य भगवान हनुमान जी, भगिना बजरंगबली माता अंजनी के पुत्र, बड़े सरकार का विदाई किया।
इस दौरान चक्रवाती तूफान के असर से राज्यभर में हो रही लगातार बारिश और ठंडी हवाओं के बीच भी युवाओं का उत्साह और जोश बिल्कुल कम नहीं हुआ। वर्षा से प्रतिमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अखाड़ा समिति द्वारा बड़े-बड़े त्रिपाल और पॉलिथीन शीट्स का विशेष उपयोग किया गया, जिससे विसर्जन शोभायात्रा अपने निर्धारित रूट पर सुरक्षित रूप से आगे बढ़ती रही।
इस महाआयोजन में सारण के अलावा बिहार के अन्य जिलों और पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से भी भारी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस यात्रा में विभिन्न समितियों के सदस्यों ने अपने पारंपरिक युद्ध कौशल और कलात्मक प्रदर्शन से सबको अचंभित कर दिया। भगवान हनुमान का ननिहाल होने के कारण इस क्षेत्र की धार्मिक महत्ता अत्यंत विशिष्ट है। दो दिनों तक चले इस वृहद आयोजन के सकुशल संपन्न होने पर जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली है।














