सुपौल,  जिला मुख्यालय स्थित एक निजी होटल परिसर में लोगों को आर्थिक रूप से जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल किया गया। क्रेडिट एक्सेस इंडिया फाउंडेशन, जो क्रेडिट एक्सेस ग्रामीण की सीएसआर इकाई है एवं ग्रामीण कूटा के संयुक्त तत्वावधान में सामाजिक-आर्थिक विकास विषय पर वित्तीय साक्षरता कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी समुदाय, विशेषकर महिलाओं को बचत की आदत विकसित करने बेहतर वित्तीय प्रबंधन अपनाने और सरकारी वित्तीय योजनाओं की जानकारी देकर आर्थिक रूप से सशक्त बनाना था।

कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा कि वित्तीय साक्षरता केवल कमाई तक सीमित नहीं है बल्कि आय का सही प्रबंधन नियमित बचत और भविष्य की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी इसका अहम हिस्सा है। विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को बैंकिंग सेवाओं के सुरक्षित उपयोग, एटीएम, यूपीआई, डिजिटल भुगतान, बीमा, पेंशन योजनाओं तथा साइबर ठगी से बचाव के प्रभावी उपायों की विस्तार से जानकारी दी साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की किसी भी वित्तीय लेन-देन के दौरान पूरी सतर्कता बरतें और बिना सत्यापन के किसी के साथ अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा न करें ।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने वित्तीय विषयों से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सरल और व्यावहारिक तरीके से समाधान किया कार्यशाला में ज्ञान आधारित संवाद के माध्यम से आर्थिक आत्मनिर्भरता स्वरोजगार और बेहतर जीवन निर्माण में वित्तीय शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर दिया गया। आयोजकों ने कहा कि इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम समाज के हर वर्ग तक वित्तीय शिक्षा पहुंचाने का माध्यम हैं, ताकि लोग आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें और अपने परिवार के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रख सकें। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों को वित्तीय रूप से जागरूक, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प दिलाने के साथ हुआ। वही इस मौके पर सुजीत कुमार, लवली कुमारी, अमृत दास, मो. मुस्ताक, सौरभ कुमार, राजा कुमार, दीपक कुमार, सहित सभी कर्मी एवं सैकड़ो की संख्या में महिला एवं पुरुष मौजूद रहे।