प्रत्येक पंचायत में विशेष अभियान चलाकर होगी खेल प्रतिभा की खोज, बिहार के खिलाड़ियों को मिलेगा विश्वस्तरीय मंच: मुख्यमंत्री
पटना, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को ऊर्जा
ऑडिटोरियम, राजवंशीनगर, पटना में खेल विभाग द्वारा आयोजित बिहार के
उत्कृष्ट खिलाड़ियों को मेडल लाओ नौकरी पाओ योजना के तहत नियुक्ति पत्र एवं
खेल छात्रवृत्ति हेतु चयन पत्र वितरण समारोह का दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ
किया।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान मेडल लाओ, नौकरी पाओ
योजना' के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों आकाश दीप एवं मुकेश
कुमार सहित कुल 19 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया और उन्हें
शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में खिलाड़ियों के लिए
सुनहरे भविष्य का एक नया अध्याय प्रारंभ हुआ है। सरकार ने खिलाड़ियों को
सरकारी सेवा में नियुक्ति देकर यह स्पष्ट संदेश दिया है कि उत्कृष्ट
प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान और प्रोत्साहन हर स्तर पर
सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बिहार के लिए गौरव का विषय है कि
पहली बार किसी खिलाड़ी को डीएसपी जैसे उच्च पद पर नियुक्ति प्रदान की गई
है। इससे राज्य के युवा खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ेगा तथा वे खेलों में
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए और अधिक प्रेरित होंगे। राज्य सरकार खेल
प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने तथा उन्हें सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने के लिए
पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि
राज्य सरकार खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, आधुनिक खेल सुविधाओं और खेल अवसंरचना
के विकास पर विशेष बल दे रही है। उन्होंने कहा कि 15 सितंबर से पंचायत
स्तर पर खेल प्रतिभाओं की पहचान एवं खोज अभियान प्रारंभ किया जाएगा। चयनित
प्रतिभाओं को व्यवस्थित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि ग्रामीण
क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा निखारने का समान अवसर मिल सके।
पिछले दो वर्षों में राज्य सरकार ने पूरे बिहार में 5,000 खेल मैदानों के
निर्माण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा किया है। इसका उद्देश्य गांव-गांव तक खेल
संस्कृति का विस्तार करना तथा युवाओं को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना
है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना
विकसित करने की दिशा में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से कार्य हो रहा
है। पटना स्थित मोइनुल हक स्टेडियम का पुनर्विकास कराया जा रहा है तथा
इसके संचालन की जिम्मेदारी भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को
सौंपी गई है। लगभग 40 हजार दर्शकों की क्षमता वाला यह स्टेडियम विश्वस्तरीय
सुविधाओं से सुसज्जित होगा और राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं
की मेजबानी करने में सक्षम होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में
खेलों को नई पहचान देने के लिए अनेक ऐतिहासिक पहल किये गये हैं। नालंदा में
स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना की गई है तथा राज्य में तीन अलग-अलग
खेलों के विश्व कप स्तर के आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न कराए गए हैं, जिसमें
बिहार की धरती पर भारत ने तीनों विश्व कप जीता। उन्होंने कहा कि इन पहलों
से बिहार की खेल क्षमता को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान
मिली है। राष्ट्रीय स्तर के खेलों में बिहार नम्बर-1 बने, हमलोगों को ऐसी
तैयारी करनी है।
मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा
कि आपका लक्ष्य केवल पदक जीतना ही नहीं होना चाहिए, बल्कि बिहार को
राष्ट्रीय खेलों में देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प भी होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि बिहार में भी विश्व स्तरीय
खेल आयोजन हों और खिलाड़ियों को अपने ही राज्य में उत्कृष्ट सुविधाएँ
उपलब्ध हों।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे पूरी उम्मीद है कि आने वाले
वर्षों में बिहार के खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ गेम्स, विश्व
कप तथा आईपीएल जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर राज्य और देश का गौरव बढ़ाएंगे।
राज्य सरकार का संकल्प है कि बिहार को देश की अग्रणी खेल शक्ति बनाया जाए,
जहाँ प्रतिभा को अवसर, संसाधन और सम्मान तीनों समान रूप से उपलब्ध हों।
ज्ञातव्य
है कि आज आयोजित कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट खिलाड़ी मुकेश
कुमार एवं आकाश दीप को पुलिस उपाधीक्षक, एथलेटिक्स खिलाड़ी पियूष राज को
पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर नियुक्ति प्रदान की गयी। इसके अतिरिक्त पाँच
पैरा खिलाड़ियों सहित विभिन्न खेल विधाओं के अन्य उत्कृष्ट खिलाड़ियों को
भी नियुक्ति-पत्र प्रदान किए गए।
खेल सम्मान योजना के अंतर्गत सेतु
मिश्रा को एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चौंपियनशिप, 2026 में स्वर्ण एवं रजत
पदक अर्जित करने तथा एथलेटिक्स में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक
जीतने वाले बिहार के प्रथम खिलाडी बनने पर 37.50 लाख, विभास्कर कुमार को
उक्त प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करने पर 2 लाख तथा शतरंज
खिलाड़ी मरियम फातिमा को कॉमनवेल्थ यूथ शतरंज चौंपियनशिप, 2026 की ब्लिट्ज
स्पर्धा में कांस्य पदक अर्जित करने पर 9 लाख रूपये की पुरस्कार राशि का
सांकेतिक चेक मुख्यमंत्री द्वारा प्रदान किया गया।
मुख्यमंत्री ने
विभिन्न खेल विधाओं में उत्कर्ष स्कॉलरशिप योजना, सक्षम स्कॉलरशिप योजना
तथा प्रेरणा स्कॉलरशिप योजना के तहत चयनित खिलाड़ियों को प्रमाण पत्र
प्रदान किया। बहार खेल छात्रवृत्ति योजना, 2026 के अंतर्गत खिलाड़ियों को
प्रशिक्षण, पोषण, खेल सामग्री, प्रतियोगिताओं में सहभागिता एवं खेल विज्ञान
संबंधी सहायता उपलब्ध कराने हेतु उत्कर्ष (20 लाख प्रतिवर्ष), सक्षम (5
लाख प्रतिवर्ष) एवं प्रेरणा (3 लाख प्रतिवर्ष) छात्रवृत्तियाँ प्रदान की जा
रही हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में कुल 637 खिलाड़ियों को छात्रवृत्ति
प्रदान की जाएगी, जिनमें उत्कर्ष के अंतर्गत 21, सक्षम के अंतर्गत 184 तथा
प्रेरणा के अंतर्गत 432 खिलाड़ी शामिल हैं। प्रेरणा छात्रवृति के अंतर्गत
432 में से 269 खिलाड़ियों का चयन राज्यव्यापी मशाल प्रतिभा खोज कार्यक्रम
के माध्यम से किया गया है।
समारोह को उपमुख्यमंत्री विजय कुमार
चौधरी, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह, खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद तथा बिहार
राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन शंकरण ने भी संबोधित कियाl
कार्यक्रम के दौरान खेल विभाग के सचिव दीपक आनंद ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस
अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, खेल मंत्री श्रेयसी सिंह,
मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, खेल
विभाग के सचिव दीपक आनंद, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक रविंद्रन
शंकरण, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह सहित खेल विभाग से जुड़े
अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं खिलाड़ी उपस्थित थे।















