रांची: झारखंड में आर्थिक अपराधों और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर अपराध अनुसंधान विभाग (CID) लगातार सख्त कार्रवाई कर रहा है। अवैध वेतन निकासी, सरकारी धन के दुरुपयोग और कथित JPSC परीक्षा विवाद से जुड़े मामलों में CID की जांच तेज हो गई है। विभाग की कार्रवाई के दायरे में कई सरकारी कर्मचारी, बिचौलिए और अन्य आरोपी आए हैं। अब तक विभिन्न मामलों में 25 आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि कई अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है।

अवैध वेतन निकासी मामले में लगातार कार्रवाई

CID के अनुसार, सरकारी विभागों में फर्जी दस्तावेजों और अनियमित प्रक्रियाओं के जरिए अवैध वेतन निकासी के मामलों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, डिजिटल रिकॉर्ड और बैंकिंग लेनदेन से जुड़े साक्ष्य जुटाए गए हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर कई गिरफ्तारियां की गई हैं।

JPSC परीक्षा विवाद में भी जांच तेज

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़े कथित परीक्षा विवाद में भी CID की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसी ने हाल के दिनों में कई स्थानों पर छापेमारी कर डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जब्त किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक डेटा और दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है, ताकि किसी भी संभावित अनियमितता की पुष्टि की जा सके।

डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों पर फोकस

CID की टीम मामले से जुड़े मोबाइल फोन, लैपटॉप, हार्ड डिस्क, पेन ड्राइव और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच कर रही है। साथ ही वित्तीय लेनदेन और कॉल डिटेल्स का भी विश्लेषण किया जा रहा है। जांच एजेंसी का कहना है कि यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कई मामलों की समानांतर जांच

सूत्रों के अनुसार, CID फिलहाल आर्थिक अपराध, सरकारी नियुक्तियों में कथित गड़बड़ी और सरकारी धन के दुरुपयोग से जुड़े कई मामलों की समानांतर जांच कर रही है। विभाग का कहना है कि जांच पूरी तरह साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।

जांच जारी

CID अधिकारियों का कहना है कि अब तक 25 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कई संदिग्धों से पूछताछ जारी है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जारी रहेगी तथा किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


अवैध वेतन निकासी मामला: झारखंड के कई जिलों में करोड़ों के फर्जीवाड़े का खुलासा, CID की जांच तेज

रांची: झारखंड में अवैध वेतन निकासी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे करोड़ों रुपये के फर्जीवाड़े की परतें खुलती जा रही हैं। अपराध अनुसंधान विभाग (CID) की जांच में कई जिलों में फर्जी नियुक्ति, कूटरचित दस्तावेजों और नियमों की अनदेखी कर सरकारी खजाने से वेतन निकाले जाने के मामलों का खुलासा हुआ है। इस मामले में अब तक कई आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच जारी है।

जांच एजेंसी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कुछ मामलों में फर्जी सेवा अभिलेख, जाली नियुक्ति पत्र और दस्तावेजों में हेरफेर कर वर्षों तक वेतन का भुगतान किया जाता रहा। इससे सरकारी खजाने को करोड़ों रुपये का नुकसान होने की आशंका है।

CID की टीमें विभिन्न जिलों में संबंधित कार्यालयों से सेवा पुस्तिका, वेतन भुगतान रजिस्टर, बैंक खातों का विवरण और अन्य दस्तावेज जुटा रही हैं। इसके अलावा डिजिटल रिकॉर्ड, कंप्यूटर डेटा और वित्तीय लेनदेन की भी गहन जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

सूत्रों के अनुसार, जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और जिन अधिकारियों या कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाई जा रही है, उनसे पूछताछ की जा रही है। यदि जांच में उनकी संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

CID का कहना है कि मामले की जांच साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष तरीके से की जा रही है। विभाग का उद्देश्य केवल अवैध वेतन निकासी के मामलों का खुलासा करना ही नहीं, बल्कि इसमें शामिल पूरे तंत्र की पहचान कर दोषियों को कानून के दायरे में लाना भी है।

जांच एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। कई जिलों में रिकॉर्ड की जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी।