पश्चिम एशिया में शांति की उम्मीद के कारण कच्चे तेल में नरमी का रुख, 83 डॉलर से नीचे आया ब्रेंट क्रूड
नई
दिल्ली, अमेरिका और ईरान के बीच शांति होने की उम्मीद
की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक बार फिर कच्चे तेल की कीमत में नरमी
का रुख बनता हुआ नजर आ रहा है। आज ब्रेंट क्रूड लगभग छह प्रतिशत तक और
वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड करीब सात प्रतिशत तक टूट
गया। कीमत में आई इस गिरावट के कारण ब्रेंट क्रूड ने 83 डॉलर प्रति बैरल के
स्तर से भी नीचे लुढ़क कर 82.70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को छू लिया, वहीं
डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से नीचे फिसल कर 78.78
डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया।
आज ब्रेंट क्रूड ने 3.97 डॉलर
प्रति बैरल की गिरावट के साथ 83.96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की
शुरुआत की। ट्रेडिंग शुरू होने के कुछ देर बाद इसकी कीमत कुछ देर के लिए
उछल कर 84.11 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आई, लेकिन इसके बाद इसके भाव में
गिरावट आ गई। दिन के कारोबार में ही ब्रेंट क्रूड 5.23 डॉलर प्रति बैरल
यानी 5.94 प्रतिशत गिर कर 82.70 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया। हालांकि
इसके बाद इसके भाव में थोड़ी तेजी भी आई। भारतीय समय के मुताबिक शाम 5:30
बजे ब्रेंट क्रूड 4.92 डॉलर प्रति बैरल यानी 5.60 प्रतिशत की कमजोरी के साथ
83.01 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर ट्रेड कर रहा था।
इसी तरह वेस्ट
टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड की ट्रेडिंग आज 3.86 डॉलर प्रति
बैरल की कमजोरी के साथ 80.81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से शुरू हुई। शुरुआत
में कुछ देर के लिए यह उछल कर 81.30 डॉलर प्रति बैरल तक आया, लेकिन इसके
बाद इसके भाव में नरमी का रुख बन गया। दिन के कारोबार में डब्ल्यूटीआई
क्रूड 80 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से भी नीचे गिर कर 5.89 डॉलर प्रति बैरल
यानी 6.95 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 78.78 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ
गया। भारतीय समय के मुताबिक शाम 5:30 बजे डब्ल्यूटीआई क्रूड 5.61 डॉलर
प्रति बैरल यानी 6.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79.06 डॉलर प्रति बैरल के
स्तर पर कारोबार कर रहा था।
पश्चिम एशिया में एक बार फिर युद्ध थमने
और शांति होने की संभावना बन जाने की वजह से कच्चे तेल की कीमत में गिरावट
का रुख बन गया है।
उल्लेखनीय है कि अमेरिका और ईरान के बीच
सीजफायर खत्म हो जाने और दोनों देशों द्वारा एक दूसरे के ठिकानों पर लगातार
हमला करने की वजह से जुलाई के महीने में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे
तेल की कीमत में लगभग 25 प्रतिशत की तेजी आ गई थी। जुलाई में आई ये तेजी
मार्च के बाद से इसकी सबसे बड़ी मासिक बढ़त थी। कच्चे तेल की कीमत में आई
इस तेजी से वैश्विक स्तर पर महंगाई को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई।
हालांकि
अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा बड़े हमले की योजना को रद्द
करने और ईरान के साथ एक बार फिर बातचीत शुरू करने का ऐलान किया है, जिसकी
वजह से अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत में नरमी का रुख बना है।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर हमला रोकने का ये फैसला सऊदी अरब
सहित पश्चिम एशियाई सहयोगियों के आग्रह पर लिया, जिन्होंने उनसे बातचीत के
जरिए समझौता करने को कहा था। उन्होंने कहा कि वे इस शर्त पर पीछे हटने को
तैयार हुए कि अधिकारी होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए जल्द समझौता
करें।















