स्टॉक मार्केट में क्रैटिकल टेक की जोरदार शुरुआत, लोअर सर्किट के बावजूद मुनाफे में आईपीओ निवेशक
नई
दिल्ली, साइबर सिक्योरिटी के फील्ड में काम करने वाली
कंपनी क्रैटिकल टेक लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट ने जोरदार
मजबूती के साथ एंट्र कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत
कंपनी के शेयर 135 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई के एसएमई
प्लेटफॉर्म पर इसकी लिस्टिंग 42.22 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 192 रुपये के
स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद हुई लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल
कर 199 रुपये के स्तर तक पहुंचे। मुनाफा वसूली के चक्कर में बिकवाली का
दबाव बनने पर ये गिर कर 182.40 रुपये के लोअर सर्किट लेवल तक भी आ गए। दिन
भर के कारोबार में ये शेयर कई बार लोअर सर्किट तक पहंचे। हालांकि हर बार
लिवाली का सपोर्ट मिलने पर लोअर सर्किट ब्रेक होता रहा। अंत में शाम तीन
बजे के करीब ये शेयर एक बार फिर लोअर सर्किट तक पहुंचे और उसी स्तर पर बंद
हुए। इस तरह पहले दिन के कारोबार में लोअर सर्किट लगने के बावजूद कंपनी के
आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 47.40 रुपये यानी 35.11 प्रतिशत के फायदे में रहे।
कंपनी
का 39.69 करोड़ रुपये का आईपीओ 30 जून से दो जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के
लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था,
जिसके कारण ये ओवरऑल 200.71 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड
इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 145.82 गुना
सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए
रिजर्व पोर्शन में 324.64 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। जबकि रिटेल
इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 218.48 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इस आईपीओ
के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले 29.40 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं।
क्रैटिकल
टेक लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर
सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में
किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष
2023-24 में कंपनी को 3.20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले
वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 3.81 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 6.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ
था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त
वर्ष 2023-24 में इसे 13.28 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो
वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 21.15 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 36.86 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ
था।
इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में कमी आई। वित्त वर्ष
2023-24 के अंत में कंपनी पर तीन लाख रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त
वर्ष 2024-25 में घट कर एक लाख रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष
2025-26 के अंत तक भी कंपनी पर सिर्फ एक लाख रुपये के कर्ज का ही बोझ था।
इस
दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये
6.56 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 11.13 करोड़ रुपये
के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 24.02
करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें
तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है।
वित्त वर्ष 2023-24 में ये 6.53 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में
बढ़ कर 11.10 करोड़ रुपये हो गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का
रिजर्व और सरप्लस 15.86 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।
इसी
तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड
एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 3.87 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में
बढ़ कर 5.51 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में
ईबीआईटीडीए 9.08 करोड़ रुपये के स्तर पर था।















