स्टॉक मार्केट में मणिपाल हेल्थ की मजबूत शुरुआत, फायदे में आईपीओ निवेशक
नई
दिल्ली, मणिपाल हॉस्पिटल्स के नाम से देश के कई शहरों
में हेल्थकेयर सुविधा देने वाली कंपनी मणिपाल हेल्थ इंटरप्राइजेज के शेयरों
ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर
दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 590 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज
बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 11.02 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 655 रुपये के स्तर
पर और एनएसई पर 10.51 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 652 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग
के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर उछल कर 676.05 रुपये के स्तर पर आ
गया। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली शुरू हो जाने की वजह से इसने 634.55
रुपये के स्तर तक गोता भी लगाया। बाजार में लगातार हुई खरीद बिक्री के
कारोबार के अंत में कंपनी के शेयर बीएसई पर प्रति शेयर 72.60 रुपये यानी
12.31 प्रतिशत की बढ़त के साथ 662.60 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर प्रति
शेयर 76.95 रुपये यानी 13.04 प्रतिशत की मजबूती के साथ 666.95 रुपये के
स्तर पर बंद हुए।
इस कंपनी का 9,275.22 करोड़ रुपये का आईपीओ 29 से
31 जुलाई के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर
से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 5.12 गुना सब्सक्राइब हुआ
था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व
पोर्शन 8.54 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल
इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 1.06 गुना सब्सक्रिप्शन आया
था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 0.98 गुना
सब्सक्राइब हो सका था।
इस आईपीओ के तहत दो रुपये फेस वैल्यू वाले
कुल 15,72,07,054 करोड़ शेयर जारी किए गए हैं। इनमें लगभग आठ हजार करोड़
रुपये के 13,55,93,220 नए शेयर जारी किए गए हैं, जबकि लगभग 1,275 करोड़
रुपये के 2,16,13,834 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ
में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी अपनी
स्टेपडाउन सब्सिडियरी सह्याद्री हॉस्पिटल्स में माइनॉरिटी होल्डिंग हासिल
करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
मणिपाल
हेल्थ इंटरप्राइजेज की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट
रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस
(डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत बनी रही
है। हालांकि, कंपनी के शुद्ध लाभ में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष
2023-24 में कंपनी को 533.20 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले
वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,081.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ घट कर 916.52 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में
लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 6,265.17 करोड़ रुपये का
कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 8,362.79 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 10,520.52
करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का
बोझ भी लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3,943.98
करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर
4,766.83 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात
करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर
10,553.43 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस
भी इस अवधि में लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का
रिजर्व और सरप्लस 3,953.59 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष
वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 5,788.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और
सरप्लस 8,204.96 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया था।
इस अवधि में
कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 4,029.22
करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 5,865.66 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ 8,440.92
करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग
बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में
1,776.60 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 2,247.07 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का
ईबीआईटीडीए 2,795.94 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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