सब्सक्रिप्शन के लिए आरडी इंडस्ट्रीज का आईपीओ लॉन्च, 12 अगस्त को लिस्टिंग संभव
नई
दिल्ली, लेड और लेड एलॉय के प्रोडक्ट्स तैयार करने और
उनकी रिसाइक्लिंग करने का काम करने वाली कंपनी आरडी इंडस्ट्रीज का 425.87
करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। इस आईपीओ
में सात अगस्त तक बोली लगाई जा सकती है। इश्यू की क्लोजिंग के बाद दस अगस्त
को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 11 अगस्त को अलॉटेड शेयर डीमैट
अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 12 अगस्त को बीएसई और
एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। पहले दिन शाम 3:45 बजे तक इस आईपीओ को 2.61
गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।
इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 50
रुपये से लेकर 53 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि
लॉट साइज 281 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम एक लॉट
यानी 281 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,890 रुपये
का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,609 रुपये के निवेश से
अधिकतम 13 लॉट में 3,653 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं। इस आईपीओ के तहत
दो रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 8,03,52,358 शेयर जारी किए जा रहे हैं।
इनमें लगभग 320 करोड़ रुपये के 6,03,77,358 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं,
जबकि लगभग 106 करोड़ रुपये के 1,99,75,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये
बेचे जा रहे हैं।
इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स
(क्यूआईबी) के लिए 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल
इनवेस्टर्स के लिए 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स
(एनआईआई) के लिए 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए पैंटोमैथ
कैपिटल एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है,
जबकि केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।
आरडी
इंडस्ट्रीज की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर
सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में
किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मजबूत बनी रही है। वित्त वर्ष
2023-24 में कंपनी को 8.95 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त
वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 33.27 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं
पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 84.68 करोड़ रुपये
के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार
बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 463.39 करोड़ रुपये का कुल राजस्व
प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 743.53 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 1,168.88 करोड़
रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ भी
लगातार बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 142.36 करोड़
रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 165.77 करोड़
रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस
वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ बढ़ कर 182.75 करोड़ रुपये
के स्तर पर आ गया।
कंपनी का रिजर्व और सरप्लस भी इस अवधि में लगातार
बढ़ता गया। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस
26.06 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2024-25 में
उछल कर 59.42 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की
बात करें, तो इस दौरान कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 96.42 करोड़ रुपये के
स्तर पर आ गया था। इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त
वर्ष 2023-24 में ये 29.25 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़
कर 62.60 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में
कंपनी का नेटवर्थ 147.28 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इसी तरह
ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड
एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 28.06 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25
में बढ़ कर 65.93 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26
में कंपनी का ईबीआईटीडीए 147.08 करोड़ रुपये के स्तर पर था।

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