पश्चिम एशिया संकट के बीच कतर ने भारत को भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्ति का दिया भरोसा
नई
दिल्ली, पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच कतर ने भारत
के लिए एक भरोसेमंद ऊर्जा आपूर्तिकर्ता बने रहने के अपने संकल्प को
दोहराया है। कतर के ऊर्जा मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने दोहा में केंद्रीय
पेट्रोलियम एवं नेचुरल गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के साथ बातचीत के दौरान
यह आश्वासन दिया। इस दौरान दोनों पक्षों ने मौजूदा तनाव के बीच वैश्विक
बाजारों में स्थिरता बनाए रखने का आह्वान किया।
हरदीप सिंह पुरी
9-10 अप्रैल तक कतर की दो दिवसीय यात्रा पर थे। इस दौरान उन्होंने इस
क्षेत्र में संघर्ष शुरू होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से
एकजुटता का संदेश कतर के नेतृत्व तक पहुंचाया। पुरी ने कतर के अमीर शेख
तमीम बिन हमद अल थानी और वहां के प्रधानमंत्री को प्रधानमंत्री मोदी की
शुभकामनाएं और समर्थन का संदेश दिया। दोनों मंत्रियों ने दोनों देशों के
बीच रणनीतिक संबंधों के सभी पहलुओं पर चर्चा की, जिसमें उच्च-स्तरीय
जुड़ाव, व्यापार, निवेश, ऊर्जा, संस्कृति और लोगों से लोगों के बीच संबंध
शामिल हैं।
उन्होंने इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और स्थिरता
लौटने तथा भारत और कतर के बीच द्विपक्षीय संबंधों के और अधिक मजबूत होने
की उम्मीद जताई। इसके अलावा दोनों पक्षों ने आठ अप्रैल को घोषित दो सप्ताह
के युद्धविराम का स्वागत किया और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में आ रहे
व्यवधानों को जल्द खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने आपूर्ति
श्रृंखला को बनाए रखने के लिए निर्बाध नौवहन के महत्व पर भी बल दिया।
केंद्रीय
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी की कतर यात्रा ऐसे
समय में हुई है, जब भारत वैश्विक तनावों के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा
सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है। कतर भारत को एलएनजी और एलपीजी की
आपूर्ति करने वाला सबसे बड़ा स्रोत है, जिसकी हिस्सेदारी क्रमशः 45 फीसदी
और 20 फीसदी है।















