पटना (PATNA): सीवान जिले पचरुखी थाना क्षेत्र के चौमुखा गांव स्थित श्मशानघाट में आपराधिक घटना की योजना बना रहे तीन अपराधियों को पुलिस ने अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार कर एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है.


पूछताछ में एक ने हत्या की साजिश में संलिप्तती स्वीकारी

गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में पत्रकार रमेश सिंह की हत्या की साजिश में अपनी संलिप्तता स्वीकार की. मामले में तीन लाख रुपये की सुपारी दिए जाने का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सराय थाने के वैशाखी गांव निवासी मुहर्रम अंसारी का पुत्र वसीम अकरम,मुफ्फसिल थाने के रसूलपुर निवासी दोस्त मोहम्मद का पुत्र मेराजुद्दीन अंसारी एवं सराय थाने के चांप गांव निवासी दुखहरन सह का पुत्र सुरेन्द्र साह के रूप में हुई है.

किसी बड़ी वारदात की थी योजना

पुलिस अधीक्षक पुरन कुमार झा ने बताया कि पुलिस को मंगलवार को सूचना मिली थी कि उक्त तीनों चौमुखा श्मशानघाट में बैठकर किसी बड़ी वारदात की योजना बना रहे हैं. सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने छापेमारी कर घेराबंदी की. पुलिस को देखते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया.

एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, दो चाकू और चार मोबाइल फोन बरामद

तलाशी के दौरान उनके पास से एक देशी पिस्टल, तीन जिंदा कारतूस, दो चाकू और चार मोबाइल फोन बरामद किए गए. इस संबंध में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-बी) ए/26 के तहत कांड दर्ज कर आगे की विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है.

जांच में जुटी पुलिस

पुलिस जांच में सामने आया कि वर्ष 2022 से जयगोविन्द सिंह और भानुप्रताप सिंह उर्फ भानुप्रताप के बीच पुरानी रंजिश चली आ रही थी. इसी रंजिश के चलते जयगोविन्द सिंह ने बिहार से बाहर रहकर जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी को तीन लाख रुपये में पत्रकार रमेश सिंह की हत्या की सुपारी दी थी. गिरफ्तार अभियुक्त सुरेन्द्र साह ने बताया कि जेल में उक्त अपराधी से मुलाकात के बाद ही इन तीनों को हत्या की जिम्मेदारी सौंपी गई थी. मामले में भानुप्रताप सिंह उर्फ भानुप्रताप को पूर्व में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है. पुलिस पूरे नेटवर्क और साजिश के अन्य पहलुओं की गहन जांच में जुटी है.