झारखंड विधानसभा का बजट सत्र शुरू, 17 कार्यदिवसों में होगी विकास, बजट व जनहित के मुद्दों पर चर्चा
रांची (RANCHI): झारखंड विधानसभा का बजट सत्र बुधवार को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ. सत्र के पहले दिन विधानसभा परिसर में राज्यपाल को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और सचिव अविनाश कुमार ने उन्हें बुके भेंट कर सम्मानित किया.
बजट सत्र राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है: रवींद्र नाथ महतो
विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो ने सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह बजट सत्र राज्य के विकास की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण अवसर है. उन्होंने कहा कि यह सत्र केवल आय-व्यय का विवरण प्रस्तुत करने का मंच नहीं है, बल्कि यह राज्य की विकास यात्रा का मार्गदर्शक दस्तावेज भी है.
अनुशासन और परंपरा का पालन सर्वोपरि होना चाहिए:अध्यक्ष
अध्यक्ष ने कहा कि इस सत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 का तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा और 24 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट सदन के पटल पर रखा जाएगा. बजट के माध्यम से राज्य की नीतियों, योजनाओं, वित्तीय प्राथमिकताओं और संसाधनों के न्यायसंगत वितरण की रूपरेखा तय की जाएगी. उन्होंने सभी सदस्यों से अपेक्षा की कि अनुदान मांगों, कटौती प्रस्तावों और नीतिगत सुझावों के माध्यम से सार्थक और तथ्यपरक चर्चा करें. अध्यक्ष ने यह भी कहा कि लोकतंत्र की शक्ति संवाद और विमर्श में निहित है, मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन सदन की गरिमा, अनुशासन और परंपरा का पालन सर्वोपरि होना चाहिए.
अब शून्यकाल से जुड़ी सूचनाएं ऑनलाइन भेजी जाएंगी
इस सत्र की खास बात यह है कि विधानसभा का कामकाज पेपरलेस शुरू किया गया. अध्यक्ष ने बताया कि नेशनल ई-विदान एप्लिकेशन (नेवा) परियोजना को आंशिक रूप से लागू किया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 11 फरवरी को नेवा सेवा केंद्र का उद्घाटन किया था. अब शून्यकाल से जुड़ी सूचनाएं ऑनलाइन भेजी जाएंगी और आने वाले समय में सवाल-जवाब, कार्यसूची और अन्य जरूरी दस्तावेज भी डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगे.
18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा बजट सत्र
अध्यक्ष के संबोधन के बाद राज्यपाल का अभिभाषण हुआ, जिसके साथ औपचारिक रूप से बजट सत्र की कार्यवाही शुरू हो गई. बता दें कि झारखंड विधानसभा का यह बजट सत्र 18 फरवरी से 19 मार्च तक चलेगा और कुल 17 कार्य दिवसों का होगा.














