नई दिल्ली,  दक्षिणी जिले के कोटला मुबारकपुर थाना पुलिस ने ज्वेलरी की दुकान में हुई बड़ी चोरी का पर्दाफाश करते हुए चोरी के तीन शातिर आरोपित समेत चोरी का माल खरीदने वाले तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 10 लाख रुपये से अधिक कीमत का सोना, चांदी, नकदी, हीरे और अन्य सामान बरामद किया है। मामले का खुलासा सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और लगातार की गई जांच के आधार पर हुआ।

दक्षिणी जिले के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने शनिवार को बताया कि 10 मई को पंजाबी बाजार स्थित एक ज्वेलरी दुकान में सेंधमारी की सूचना मिली थी। दुकान मालिक शगुन वर्मा ने शिकायत में बताया कि 9 और 10 मई की रात अज्ञात चोर दुकान के ताले और शटर तोड़कर अंदर घुस गए और सोने-चांदी के आभूषण, हीरे तथा नकदी चोरी कर ले गए। शिकायत के आधार पर कोटला मुबारकपुर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

सीसीटीवी से मिला सुराग, बंगाल भागने की थी तैयारी

जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें चोरी में इस्तेमाल किए गए वाहन के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले। तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपित दिल्ली छोड़कर पश्चिम बंगाल भागने की तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 18 मई को तीनों मुख्य आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान 37 वर्षीय मसकूर, 36 वर्षीय बहारुल शेख और 32 वर्षीय आनंद मंडल उर्फ नागेश्वर के रूप में हुई है। तीनों शास्त्री पार्क इलाके के रहने वाले हैं। पूछताछ और पुलिस रिमांड के दौरान चोरी का माल खरीदने वाले जहांगीर, गुलफाम और मुमतियाज को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

कई राज्यों में दर्ज हैं दर्जनों मामले

पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपित लंबे समय से चोरी और सेंधमारी की वारदातों में शामिल रहे हैं। मुख्य आरोपित मसकूर के खिलाफ 10 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं बहारुल शेख के खिलाफ हत्या, चोरी, सेंधमारी और आर्म्स एक्ट समेत 20 से अधिक मामले दर्ज हैं। आनंद मंडल पर भी चोरी और डकैती के कई मामले दर्ज हैं।

ऐसे देते थे वारदात को अंजाज

पुलिस के अनुसार आरोपित रात के समय ज्वेलरी दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की रेकी करते थे। कमजोर सुरक्षा वाली दुकानों को निशाना बनाकर ताले और शटर तोड़कर चोरी करते थे। चोरी के बाद सोने-चांदी के गहनों को पिघलाकर उनकी पहचान मिटा दी जाती थी और फिर रिसीवरों के माध्यम से बेच दिया जाता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपित लगातार अपने ठिकाने बदलते रहते थे। पुलिस उपायुक्त के अनुसार पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 36.47 ग्राम पिघला हुआ सोना (कीमत करीब 5.11 लाख रुपये), 658 ग्राम पिघली हुई चांदी (कीमत करीब 1.63 लाख रुपये), चांदी के कटोरे, गिलास, चम्मच, बिछुए, अंगूठियां और अन्य सामान, 23 हीरे और जिरकॉन स्टोन, बैंक खाते में जमा 1.35 लाख रुपये फ्रीज, 1.30 लाख रुपये नकद, नकली ज्वेलरी के कई सेट और एक खिलौना पिस्तौल बरामद किए हैं।