ओलेक्स पर आईफोन बेचने वालों को बनाते थे निशाना, दो आरोपित गिरफ्तार, 13 फाेन बरामद
नई
दिल्ली, पश्चिमी दिल्ली के राजौरी गार्डन थाना पुलिस ने
ओलेक्स के जरिए महंगे आई फोन बेचने वाले लोगों को निशाना बनाने वाले
अंतरराज्यीय ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह के दो सक्रिय
आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 13 महंगे आई फोन बरामद किए हैं।
दोनों आरोपित कथित तौर पर ओलेक्स और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर महंगे
मोबाइल बेचने वाले लोगों से संपर्क कर उन्हें झांसे में लेकर फोन लेकर फरार
हो जाते थे। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रामपुर (उप्र) निवासी मोहम्मद
सय्यद मेहरान शाह और मुआज खान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मुआज
खान पहले भी चोरी, लूट और ठगी के मामलों में शामिल रह चुका है।
पुलिस
के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि मामले का खुलासा उस समय हुआ
जब अभिषेक डागर नामक युवक ने राजौरी गार्डन थाने में शिकायत दी। शिकायत में
बताया गया कि उसने अपना आई फोन ओलेक्स पर बिक्री के लिए डाला था। कुछ समय
बाद दो लोगों ने उससे संपर्क किया और मोबाइल खरीदने के बहाने उसे राजौरी
गार्डन इलाके में बुलाया। आरोप है कि तय योजना के तहत दोनों आरोपितों ने
अभिषेक को भरोसे में लिया और मौका मिलते ही उसका फोन लेकर फरार हो गए।
शिकायत के आधार पर राजौरी गार्डन थाने में ई-एफआईआर संख्या 80039211/2026
दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने होटल और आसपास के
इलाकों के सीसीटीवी फुटेज की जांच की। साथ ही तकनीकी निगरानी और गुप्त
सूचना तंत्र को भी सक्रिय किया गया। जांच के लिए एसआई रवि नरवाल, हेड
कांस्टेबल प्रीतम, हेड कांस्टेबल पंकज, हेड कांस्टेबल राम मनोहर, कांस्टेबल
सुमित, कांस्टेबल प्रमोद और कांस्टेबल हरिमोहन की टीम गठित की गई। पुलिस
टीम को तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना मिली कि आरोपित दिल्ली-मुंबई
एक्सप्रेसवे के पास सोहना क्षेत्र में मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने
छापेमारी कर दोनों को दबोच लिया।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस
जांच में सामने आया कि दोनों आरोपित खासतौर पर ओलेक्स पर बिक्री के लिए
डाले गए महंगे और नए मॉडल के आईफोन को निशाना बनाते थे। वे मोबाइल बेचने
वालों से संपर्क करते और किसी होटल या तय स्थान पर मिलने के लिए बुलाते थे।
मुलाकात के दौरान आरोपित मोबाइल की ओरिजिनल बिल, डिब्बा और फोन रीसेट
कराने जैसी बातें कर भरोसा जीत लेते थे। इसके बाद एक आरोपित मोबाइल लेकर
भाग जाता, जबकि दूसरा ऑनलाइन भुगतान का नाटक कर पीड़ित को बातों में उलझाकर
रखता था। इसी तरीके से दोनों कई लोगों को ठगी का शिकार बना चुके थे। पुलिस
अधिकारियों का कहना है कि गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच
की जा रही है। मामले में आगे की जांच जारी है।















