तिरुवन्नामलई स्थित पवित्र अरुणाचलम में आयोजित 17वें वार्षिक आध्यात्मिक महोत्सव के दौरान अभिनेता और फिल्म निर्माता औशिम खेतरपाल को 'आध्यात्मिक नेतृत्व सम्मान' से सम्मानित किया गया। धार्मिक विषयों पर आधारित फिल्मों, धारावाहिकों और समाज सेवा में उनके योगदान को देखते हुए संतों और आध्यात्मिक गुरुओं ने उन्हें यह विशेष सम्मान प्रदान किया। महोत्सव में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और संतों की उपस्थिति रही।

'साई बाबा शांति पुरस्कार' की 'शांति और एकता की मशाल' की शुरुआत वेटिकन सिटी से हुई थी, जिसके बाद यह दक्षिण अफ्रीका और डैलस होते हुए भारत पहुंची। अरुणाचलम में 100 से अधिक साधु-संतों की मौजूदगी में इस मशाल को औशिम खेतरपाल द्वारा प्रज्ज्वलित किया गया, जो वैश्विक शांति पहल का एक महत्वपूर्ण क्षण रहा। इस आयोजन का संचालन स्वामी साई रविचंद्रन के मार्गदर्शन में अक्षय श्री साई ध्यान सभा मंदिर द्वारा किया गया।

इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने गिरिवलम परिक्रमा में भाग लिया और हवन, अभिषेक, आरती, भजन व अन्नदान जैसे धार्मिक एवं सेवा कार्य संपन्न हुए, जो 'सबका मालिक एक' के संदेश को सशक्त करते हैं। इस अवसर पर औशिम खेतरपाल ने कहा कि आज की दुनिया में शांति की सबसे अधिक आवश्यकता है और ऐसे प्रयास समाज को एकजुट करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी आगामी फिल्म चिल्ड्रेन ऑफ गॉड 19 जून को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होगी, जो लैंगिक विविधता, मानवाधिकार और आत्म-स्वीकृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों को सामने लाएगी। यह महोत्सव न केवल एक आध्यात्मिक आयोजन रहा, बल्कि समाज में एकता, सेवा और मानवता के मूल्यों को सशक्त करने की दिशा में भी एक अहम पहल साबित

हुआ।