रांची (RANCHI): पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया, उसके साथ शामिल एक नाबालिग को हिरासत में लिया गया है. आरोपी फर्जी पुलिस नंबर प्लेट लगी मोटरसाइकिल से घूमकर खुद को सीआईडी का अधिकारी बताता था और लोगों को डराकर उनसे पैसे ऐंठता था.


टुंगरी पुल के पास की गई कार्रवाई

गुरुवार को पुलिस पदाधिकारी ने बताया कि उक्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए टुंगरी पुल के पास संदिग्ध मोटरसाइकिल को रोककर तलाशी ली. बाइक पर दो लोग सवार थे. पूछताछ में एक ने अपना नाम रोशन एक्का (38), पिता स्वर्गीय वरदान एक्का, निवासी महुलसाई (मटकमहातु), थाना मुफ्फसिल बताया, जबकि दूसरा एक नाबालिग सनातन पाट पिंगुवा (17), पिता देवेंद्र पाट पिंगुवा, निवासी मुरसाई, थाना मझगांव पाया गया.

लोगों को डराकर पैसे की मांग करने का आरोप

तलाशी के दौरान मोटरसाइकिल की सीट के नीचे से असली नंबर प्लेट बरामद की गई, जबकि बाइक पर पुलिस का लोगो लगा फर्जी नंबर प्लेट लगा हुआ था. इसके अलावा रोशन एक्का के पास से एक चोरी का मोबाइल फोन और नाबालिग के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए. प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप प्रोफाइल पर वरीय पुलिस पदाधिकारी की तस्वीर लगाकर खुद को बड़ा अधिकारी बताता था और इसी तरीके से लोगों को डराकर पैसे की मांग करता था.

मुफ्फसिल थाना में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज 

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि करीब दो माह पूर्व उन्होंने नोवामुंडी थाना क्षेत्र के ग्राम डांगोवापोसी मुंडासाई निवासी विक्की कुमार गोप से खुद को सीआईडी इंस्पेक्टर बताकर ठगी की थी. पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से इस तरह की ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहा था. 
इस संबंध में मुफ्फसिल थाना में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी रोशन एक्का का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वह एक पुराने मामले में सजायाफ्ता भी रह चुका है.

कार्रवाई टीम

इस सफल कार्रवाई में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर चाईबासा बहामन टुटी के नेतृत्व में विनोद कुमार, अरविंद कुमार शर्मा, रितेश कुमार सिंह और मुफ्फसिल थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.