दुर्गापूजा पंडाल से भटके 36 बच्चे-बुजुर्गों को युवा दस्ता ने मिलाया परिवार से
रांची, दुर्गा पूजा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच भटके बच्चों और बुजुर्गों को उनके परिवार से मिलाते हुए युवा दस्ता की टीम के सदस्य, सेवा समर्पण का मिसाल पेश कर रहे हैं। पूजा के दौरान दस्ता टीम ने रविवार को परिवार से बिछड़े ऐसे 36 बच्चों एवं बुजुर्गों को उनके परिजनों से मिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके अलावे टीम सदस्य लगातार, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को मां भवानी के दर्शन कराने में भी सहयोग कर रहे हैं।
युवा दस्ता के संस्थापक राजीव रंजन मिश्रा ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर यह बातें कही। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने बच्चों की जेब या कपड़ों में घर का पता और मोबाइल नंबर अवश्य रखें, ताकि भीड़ में बिछड़ने की स्थिति में उन्हें सुरक्षित रूप से परिजनों तक पहुंचाया जा सके।
उन्होंने कहा कि दुर्गा पूजा के अवसर पर युवा दस्ता के सैकड़ों सदस्य शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं की सहायता, सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए सक्रिय रहे। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर संगठन के सदस्य भीड़ में जरूरतमंद लोगों की मदद कर रहे हैं। उनकी सक्रियता से श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिली है।
इस सेवा कार्य में राहुल सिन्हा चंकी, पीयूष आनंद, नवनीत पाण्डेय, मंटू दुबे, करण नायक, राकेश सिन्हा, अभय सिंह, विकास राज, संदीप रजक, अरविंद जायसवाल, ज्योति शंकर साहू, डॉ एके लाल, विकास धर दुबे और करण पाठक सहित अन्य सदस्यों की अहम भूमिका है।














