पलामू: झारखंड के पलामू जिले में करम पर्व के बाद करम डाली विसर्जन के दौरान बुधवार को दर्दनाक हादसे हुए। अलग-अलग घटनाओं में कोयल और जिनजोई नदी में डूबने से छह लोगों की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा हुआ है। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान चलाया।

कोयल नदी में पांच लोग डूबे

सबसे बड़ा हादसा चैनपुर थाना क्षेत्र के बोकेया-पतरिया गांव के पास कोयल नदी में हुआ। यहां करम डाली विसर्जन के बाद नदी में स्नान करने के दौरान एक युवक तेज बहाव की चपेट में आ गया। उसे बचाने के प्रयास में अन्य लोग भी नदी में उतर गए और तेज धारा में बह गए।

इस हादसे में पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। मृतकों में नीतीश कुमार सिंह, अमित कुमार ठाकुर, विशाल पासवान, राजा सिंह और हेमंत सिंह शामिल बताए गए हैं। शुरुआती जानकारी में चार शव बरामद होने की बात सामने आई थी, जबकि बाद में पांचों मौतों की पुष्टि की गई।

जिनजोई नदी में किशोरी की मौत

दूसरी घटना पाटन थाना क्षेत्र के नानी झरिया गांव के पास जिनजोई नदी में हुई। यहां करम डाली विसर्जन के दौरान एक किशोरी गहरे पानी में चली गई और डूब गई। उसकी पहचान सिंपी कुमारी के रूप में हुई है। कुछ रिपोर्टों में घटनास्थल और नाम को लेकर अलग-अलग विवरण सामने आए हैं, इसलिए स्थानीय प्रशासन की अंतिम रिपोर्ट को आधार माना जाना जरूरी है।

पुलिस और ग्रामीणों ने चलाया राहत अभियान

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी नदी में उतरकर डूबे लोगों की तलाश शुरू की। शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया। एक लापता व्यक्ति की तलाश के लिए भी अभियान चलाया गया था।

परिवारों में मचा कोहराम

करम पर्व के उत्सव के बीच हुए इस हादसे से पतरिया और आसपास के गांवों में शोक की लहर है। जिन परिवारों के सदस्य हादसे में मारे गए, वहां चीख-पुकार मची हुई है। ग्रामीणों की बड़ी संख्या घटनास्थल और पीड़ित परिवारों के घरों पर जुटी रही।

प्रशासन की ओर से मृतकों के परिजनों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की बात कही गई है। रिपोर्टों के अनुसार, झारखंड में डूबने की घटनाओं में निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि का प्रावधान है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

घटना पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को इस कठिन समय में धैर्य और शक्ति मिलने की कामना की।

करम डाली विसर्जन के दौरान एक ही जिले में हुए इन हादसों ने नदी और जलस्रोतों के आसपास धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और सावधानी की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है।