जमशेदपुर में छेड़खानी तो पटना में सेक्स रैकेट का विरोध करने पर दो युवकों की बेरहमी से हत्या, कहीं PCR वैन से खींचकर मार डाला, तो कहीं 100 मीटर की दूरी पर पुलिस के रहते हो गया अपहरण
Ranchi: झारखंड के औद्योगिक शहर जमशेदपुर और बिहार की राजधानी पटना से कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाली दो बेहद खौफनाक घटनाएं हाल के कुछ दिनों के दौरान सामने आई हैं. इन दोनों ही मामलों में एक डरावनी समानता यह है कि दोनों जगहों पर युवकों ने समाज में पनप रहे अपराध (महिला छेड़खानी और सेक्स रैकेट) के खिलाफ आवाज उठाई थी. इसके बदले अपराधियों ने न केवल उनका बेरहमी से कत्ल कर दिया, बल्कि पुलिस की संवेदनहीनता और लापरवाही की पोल भी खोल कर रख दी. कहीं पुलिस की गाड़ी से खींचकर युवक को मार डाला गया, तो कहीं पुलिस की मौजूदगी से महज 100 मीटर की दूरी पर वारदात को अंजाम दे दिया गया. पढ़े दोनों घटनाओं की समानता पर आधारित पूरी रिपोर्ट बीते 27 जून की रात जमशेदपुर का पॉश इलाका बिष्टुपुर खून से लाल हो गया. बिष्टुपुर स्थित ‘डबल डाउन’ (डीडी) बार के भीतर कुछ युवक वहां मौजूद महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार और छेड़खानी कर रहे थे. बार में मौजूद हिमांशु सिंह और उसके दोस्त प्रत्युष कुमार से यह देखा नहीं गया और उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया. इस बात पर दोनों पक्षों में तीखी बहस हुई. बार के कर्मचारियों ने उस वक्त मामला शांत तो करा दिया, लेकिन अपराधियों के सिर पर खून सवार हो चुका था. बार से बाहर निकलते ही विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने के लिए हिमांशु और प्रत्युष को अपनी गाड़ी (पीसीआर) में बैठा लिया. सबको लगा कि अब दोनों सुरक्षित हैं, लेकिन अपराधियों के दुस्साहस के आगे पुलिस लाचार दिखी. हथियारबंद हमलावरों ने पुलिस वाहन को घेर लिया और दोनों युवकों को पुलिस के सामने ही जबरन बाहर खींच लिया. इसके बाद चापड़ और धारदार हथियारों से उन पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया. अस्पताल में इलाज के दौरान हिमांशु की मौत हो गई, जबकि प्रत्युष गंभीर रूप से घायल है. इस मामले झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने स्टोरी कार्रवाई करते हुए जहां जमशेदपुर के एसएसपी और सरायकेला के एसपी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया था. इससे बिष्टुपुर थाना प्रभारी और पीसीआर वैन में तैनात सभी पुलिस कर्मियों को सस्पेंड भी कर दिया गया था. शुरुआत में इसे आपसी बहस का तात्कालिक नतीजा माना जा रहा था, लेकिन मुख्य आरोपी विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा की गिरफ्तारी के बाद कहानी पूरी तरह बदल गई है. मुख्य आरोपी बोदरा ने कबूल किया कि उसने वारदात से पहले ही अपनी कार में चापड़ और घातक हथियार छिपा रखे थे. उसने योजनाबद्ध तरीके से अपने समर्थकों को बुलाया और पुलिस वैन पर हमला किया. वारदात के ठीक बाद डीडी बार के संचालक नीरज सिंह ने अपना सिम कार्ड बदल लिया. पुलिस इसे बेहद संदिग्ध मान रही है, क्योंकि घटना के वक्त मैनेजर ने नीरज सिंह को फोन किया था. पुलिस की विशेष जांच टीम इस पहलू की गहराई से जांच कर रही है. बिहार की राजधानी पटना में भी एक ऐसा ही रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया. पटना जंक्शन इलाके में सक्रिय सेक्स रैकेट का विरोध करने वाले युवक बंटी यादव का छह जुलाई की रात पटना जंक्शन स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर के पास से कथित तौर पर अपहरण कर लिया गया था.अपहरण के पांच दिन बाद, 11 जुलाई को पटना से करीब 60 किलोमीटर दूर अथमलगोला में बंटी का शव बरामद हुआ. अपराधियों ने बंटी को इस कदर प्रताड़ित किया था कि उसकी पहचान मिटाने की पूरी कोशिश की गई बंटी का चेहरा पूरी तरह कूचा हुआ था, जिससे आंख-नाक का पता नहीं चल रहा था. दाहिने हाथ का मांस गायब था और सिर्फ हड्डी बची थी. पूरे शरीर पर चोट के काले निशान थे. पहचान मिटाने के लिए बंटी के दाहिने हाथ पर बने टैटू को भी नुकीली चीज से गोदकर हटा दिया गया था. पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉ. अजय कुमार सिंह के मुताबिक, बंटी की पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या की गई थी, शरीर पर गोली का कोई निशान नहीं मिला.पुलिस जांच में चौंकाने वाले खुलासे, हत्या पहले से तय थी:
भाग 2: पटना (बिहार) — सेक्स रैकेट का विरोध करने पर बंटी का अपहरण और बर्बर मर्डर:













