इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में अभियान स्वास्थ्यवर्धन जारी, तीन दिन में 16 हजार से अधिक लोगों की हुई जाँच
इंदौर, मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा प्रभावित
क्षेत्रों में मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के 187 सदस्यों ने सर्वे किया।
देर रात तक चले इस सर्वे के दौरान महिलाओं एवं बच्चों की स्वास्थ्य संबंधी
जांचे की गई। रक्तचाप, शुगर एवं एनीमिया की जांचें भी की गई। पिछले तीन
दिनों में कुल 16208 नागरिकों की जाँच की गई, जिसमें 278 लोगों को उच्च
रक्तचाप एवं 161 लोगों को मधुमेह का चिन्हांकन किया गया तथा हेल्थ कार्ड
देकर आगे की जाँच हेतु स्वास्थ्य केन्द्रों में जाने हेतु परामर्श दिया
गया।
भागीरथपुरा प्रभावित क्षेत्र में मंगलवार को ओपीडी में 109
मरीज आए, जिनमें से 05 डायरिया के आए। किसी को भी रैफर नहीं किया गया।
हेल्थ कार्ड आज भागीरथपुरा क्षेत्र के निवासियों को वितरित किये गए हैं,
जिसमें उनके स्वास्थ्य के सूचकांकों की जानकारी दी गई है। आशा कार्यकर्ताओं
ने लोगों को समझाईश दी कि पानी को उबाल कर ही पीएं और यदि उपचार चल रहा है
तो दवाईयों का डोज पूर्ण करें।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि
क्षेत्र में 02 एम्बुलेंस लगाई गई हैं। 24x7 चिकित्सकों की ड्यूटी क्षेत्र
में लगाई गई है। मंगलवार को'अभियान स्वास्थ्यवर्धन' के अंतर्गत उपचार,
परामर्श एवं जाँच की गई, जिसमें लोगों ने अपने आपको काफी सहज एवं सुरक्षित
महसूस किया तथा उन्होंने कहा कि हेल्थ कार्ड के माध्ययम से हमें अपने
स्वास्थ्य सुचकांकों की जानकारी भी मिल रही है तथा स्वास्थ्य के स्तर का
पता भी चल रहा है। दल द्वारा दिए गए परामर्श से यह भी जानकारी प्राप्त हो
रही है, कि हमें किस तरह की जीवन शैली को अपनाना चाहिए, जिससे कि स्वयं,
परिवार एवं समुदाय स्वस्थ रह सके।
दरअसल, इंदौर के भागीरथपुरा
क्षेत्र में दूषित पानी की सप्लाई से अब तक 23 लोगों की मौत हो चुकी है।
दूषित पानी पीने से सैकड़ों लोग बीमार हुए, लेकिन जिला प्रशासन के प्रयासों
से लोगों के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। हालांकि, वर्तमान में
अस्पतालों में भर्ती मरीजों की संख्या 33 है, जिसमें से 8 मरीज आईसीयू में
भर्ती होकर उपचाररत हैं।















