असम में बाढ़ से 12 जिलों की 7 लाख आबादी प्रभावित, 14 और शव मिले
गुवाहाटी, लगातार बरसात की वजह से असम में आई बाढ़ के हालात उपरी
असम में अभी भी स्थिति बेहद गंभीर बनी हुई हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन
प्राधिकरण (एएसडीएमए) की ओर से जारी बीते 24 जुलाई के आंकड़ों के अनुसार
राज्य में 14 और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इस तरह राज्य में अब तक
मरने वालों की कुल संख्या 61 हो गयी है। असम में खतरे के निशान से ऊपर बहने
वाली नदियों में दिखौ (शिवसागर), दिसांग (नंगलामुराघाट), धनसिरी
(नुमालीगढ़), कुशियारा (श्रीभूमि) शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ.
हिमंत बिस्व सरमा बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए स्वयं युद्ध स्तर पर सभी
तरह के उपायों पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही राज्य के मंत्रियों को भी
प्रभावित इलाकों में जाकर निगरानी करने का निर्देश दिया है। इस बीच
मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को आभासी पद्धति से बाढ़ प्रभावित जिलाधिकारियों
से बातचीत कर राहत कार्य तेज करने का निर्देश दिया था।
बाढ़ से
वर्तमान समय में कुल 12 जिले प्रभावित हुए हैं। जिसमें गोलाघाट, चराईदेव,
डिब्रूगढ़, होजाई, नगांव, बिश्वनाथ, जोरहाट, धेमाजी, शिवसागर, शोणितपुर,
कामरूप (मेट्रो), कार्बी आंगलोंग शामिल हैं। बाढ़ से 12 जिलों के 37 राजस्व
मंडलों के कुल 856 गांव प्रभावित है। राज्य की कुल 705148 आबादी एवं
56606.777 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूबी हुई है।
राज्य सरकार ने
बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए कुल 96 राहत शिविर एवं 267 राहत वितरण
केंद्र समेत कुल 363 शिविर स्थापित किये गये हैं। राहत शिविरों में 115205
लोग आश्रय लिए हुए हैं। जबकि राहत वितरण केंद्रों पर 200056 गैर-शिविर
निवासी राहत प्राप्त कर रहे हैं।
बाढ़ के पानी से 24 जुलाई को बरामद
शवों की संख्या 14 दर्ज हुई। जिसमें चराईदेव में 07, शिवसागर में 06 और
जोरहाट में 01 शव बरामद हुए। बाढ़ से प्रभावित जानवरों की कुल संख्या
334020 दर्ज हुई है। जिसमें बड़े 96483, छोटे 53692 एवं मुर्गी-पालन 183845
दर्ज हुए हैं। इस बीच बाढ़ के पानी में कुल 17107 जानवर बह गये। जिसमें
जोरहाट जिले में 04 एवं डिब्रूगढ़ जिले में 01 और शिवसागर जिले में 17102
पशु पानी में बह गये हैं।
बाढ़ में राहत एवं बचाय अभियान
में एसडीआरएफ, डीडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, अग्निशमन और आपातकालीन सेवाएं
(एफ एंड ईएस), सर्कल कार्यालय/स्थानीय प्रशासन, नागरिक सुरक्षा/प्रशिक्षित
स्वयंसेवक और अग्निशमन विभाग जुटा हुआ है।
इस बीच बाढ़ प्रभावित
इलाकों में राज्य सरकार ने कुल 139 मेडिकल टीमों को तैनात किया। इस दौरान
63 नावें भी राहत कार्य में जुटी रहीं। बाढ़ के पानी में फंसे 998 लोगों को
नावों द्वारा निकाला।
बाढ़ प्रभावितों के बीच राज्य सरकार की ओर
से चावल (क्विंटल में): 2109.843, दाल (क्विंटल में): 383.9254, नमक
(क्विंटल में): 129.910021, मस्टर्ड ऑयल/सरसों का तेल (लीटर में):
9646.0821 साथ ही पशुओं का चारा - गेंहूं का चोकर (क्विंटल में): 4001.315
और पशुओं का चारा - चावल का चोकर (क्विंटल में): 571.502 राहत सामग्री
बांटी गई।
बाढ़ से बड़े पैमाने पर सड़क, पुल एवं अन्य आधारभूत
ढांचे को नुकसान पहुंचा है। इसको लेकर सरकार लगातार समीक्षा बैठक कर रही
है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राज्य
में बाढ़ की स्थिति अभी भी बेहद गंभीर बनी हुई है। राहत एवं सुरक्षा के
उपाय तेज किये गये हैं।















