विरुद्ध आहार से शरीर में दोषों का असंतुलन, संतुलित भोजन अपनाना जरूरी : डाॅ. वंदना पाठक
कानपुर, स्वस्थ आहार वही है जो व्यक्ति के शरीर, पाचन-अग्नि,
देश, काल, सात्म्य, दोष और अवस्था के अनुकूल हो। गलत तरीके से या लंबे समय
तक विरुद्ध आहार लेने से शरीर में दोषों का असंतुलन और आम का निर्माण हो
सकता है, जिससे अजीर्ण, अपच, उदर व त्वचा संबंधी विकार समेत कई समस्याएं हो
सकती हैं। यह बातें मंगलवार को राष्ट्रीय पोषण सप्ताह के शुभारंभ अवसर पर
वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्या डाॅ. वंदना पाठक ने कहीं।
छत्रपति शाहू जी
महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ हेल्थ साइंसेज में राष्ट्रीय पोषण सप्ताह
2026 का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कार्यक्रम में चंद्रशेखर आजाद
कृषि विश्वविद्यालय की एसोसिएट प्रोफेसर डाॅ. विनीता सिंह, संस्थान के
निदेशक डाॅ. मुनीश रस्तोगी और एसोसिएट डीन प्रशासन डाॅ. दिग्विजय शर्मा
मौजूद रहे।
मुख्य वक्ता डाॅ. विनीता सिंह ने संतुलित आहार में
कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, वसा, विटामिन, खनिज और आहार रेशे उचित मात्रा में
लेने पर जोर दिया। उन्होंने घर के बने भोजन, बहुअनाज और विविध खाद्य
पदार्थों को आहार में शामिल करने की सलाह दी। उन्होंने दाल, पनीर, दूध,
दही, मेवे, बीज, टोफू, राजमा, चना, अंडे, सोयाबीन और चिकन को प्रोटीन के
अच्छे स्रोत बताया। उन्होंने पैकेटबंद खाद्य पदार्थ खरीदते समय अतिरिक्त
चीनी, सोडियम और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा जांचने की सलाह दी। साथ ही
‘हेल्पिंग हैंड’ के माध्यम से संतुलित आहार समझाया और सार्कोपीनिया में
मांसपेशियों के द्रव्यमान एवं शक्ति में कमी की जानकारी दी।
कार्यक्रम
का संचालन न्यूट्रीशन विभाग की सहायक आचार्या गरिमा दीक्षित ने किया।
सहायक निदेशिका डाॅ. हिना वैश्य, सहायक निदेशक धीरज कुमार, डाॅ. अनामिका
दीक्षित, आमिना जैदी, डाॅ. स्वाती अग्रवाल सहित शिक्षक और छात्र-छात्राएं
मौजूद रहे।















