रक्षा मंत्री 21 अप्रैल को जर्मनी के दौरे पर जाएंगे, रक्षा औद्योगिक सहयोग पर होगी वार्ता
दोनों रक्षा मंत्रियों की मौजूदगी में होगी रणनीतिक साझेदारी और रक्षा सहयोग की समीक्षा
नई
दिल्ली, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 21 अप्रैल को जर्मनी
के दौरे पर जाएंगे। वह अपने जर्मन समकक्ष बोरिस पिस्टोरियस और सरकार के
दूसरे वरिष्ठ नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत करेंगे। दोनों रक्षा
मंत्रियों की मौजूदगी में रक्षा औद्योगिक सहयोग रोडमैप और संयुक्त राष्ट्र
शांति अभियान प्रशिक्षण में सहयोग के लिए कार्यान्वयन व्यवस्था पर
हस्ताक्षर होने की संभावना है।
रक्षा मंत्री का यह तीन दिवसीय दौरा
रक्षा औद्योगिक सहयोग बढ़ाने, सैन्य-से-सैन्य जुड़ाव को मजबूत करने और
साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ड्रोन जैसे उभरते हुए डोमेन में
मौके तलाशने पर फोकस होगा। यह दौरा दोनों देशों के बीच चल रहे रक्षा सहयोग
की समीक्षा करने और दोनों देशों के रक्षा उद्योगों के बीच तालमेल के नए
रास्ते पहचानने का मौका देगा। इस दौरान मेक-इन-इंडिया पहल के तहत संयुक्त
विकास और सह उत्पादन को बढ़ावा देने के मकसद से जर्मन के उद्योग
प्रतिनिधियों से भी बातचीत होने की उम्मीद है।
रक्षा मंत्री का यह
जर्मन दौरा सात साल के बाद हो रहा है। इससे पहले भारतीय रक्षा मंत्री का
जर्मनी का पिछला दौरा फरवरी, 2019 में निर्मला सीतारमण ने किया था। मिस्टर
बोरिस पिस्टोरियस जून, 2023 में भारत आए थे और उन्होंने राजनाथ सिंह के साथ
लंबी बातचीत की थी। भारत और जर्मनी के बीच एक मजबूत और कई रणनीतिक
साझेदारी है, जो लोकतांत्रिक मूल्य, कानून के राज और नियम-आधारित इंटरनेशनल
ऑर्डर के लिए एक जैसी प्रतिबद्धता पर आधारित है। भारत के साथ हाल के
वर्षों में रक्षा और सुरक्षा सहयोग इस साझेदारी का अहम हिस्सा बनकर उभरा
है। इस दौरे का मकसद आपसी रिश्तों को और मजबूत करना, क्षेत्रीय और वैश्विक
शांति, स्थिरता और खुशहाली में योगदान देना है।














