मध्य प्रदेश के बरगी क्रूज हादसे में एक और बच्चे का शव मिला, मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हुई
जबलपुर, मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा नदी पर बने बरगी
बांध में हुए क्रूज हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है। इसी
बीच रेस्क्यू टीम को रविवार सुबह सर्च ऑपरेशन के दौरान एक बच्चे का शव मिला
है। इसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 12 हो गई है। अभी एक
व्यक्ति और लापता है, जिसकी तलाश जारी है।
30 अप्रैल की शाम तेज
आंधी-तूफान के चलते मप्र टूरिज्म का पर्यटकों से भरा क्रूज बरगी डैम में
डूब गया था। क्रूज में करीब 47 पर्यटक सवार थे। शुरुआत के दो दिन तक चले
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान नौ लोगों के शव बरामद कर लिये थे, जबकि 29
लोगों को बचा लिया गया था। अगले दिन शनिवार (2 मई) शाम 6 बजे दो बच्चों के
शव मिले थे। इनमें से एक की पहचान श्रीतमिल (5) पुत्र कामराज और दूसरे की
पहचान विराज (5) पुत्र कृष्ण सोनी के रूप में हुई थी।
भारी बारिश
और आंधी तूफान की वजह से शनिवार को राहत एवं बचाव कार्य रोक दिया गया था।
रविवार को सुबह पुनः सर्चिंग शुरू की गई। इस दौरान सुबह करीब 6 बजे घटना
स्थल से कुछ दूर पर एक और बच्चे का शव मिला है। मृतक का नाम मयूरन है, जो
कि त्रिची (तमिलनाडु) का रहने वाला था। वह अपने परिवार के साथ रिश्तेदारी
में जबलपुर आया था।
इस हादसे में अब तक 12 लोगों की जान जा चुकी
है। मृतकों में नीतू सोनी (43), निवासी कोतवाली, जबलपुर, सौभाग्यम अलागन
(42), निवासी अन्नानगर, वेस्ट तारापुरम, तमिलनाडु, मधुर मैसी (62), निवासी
खाजन बस्ती, नई दिल्ली, काकुलाझी (38) पत्नी कामराज, निवासी वेस्ट लैंड
खमरिया, जबलपुर, रेशमा सैयद (66), निवासी सिविल लाइन, भसीन आर्केड, जैक्सन
होटल के पास, शमीम नकवी (68), निवासी डेरखी, भोपाल, मरीना मैसी (39) पत्नी
प्रदीप मैसी निवासी दिल्ली, त्रिशान (4 वर्ष) पुत्र प्रदीप मैसी निवासी
दिल्ली और ज्योति सेन, निवासी फूटाताल, घमापुर के आगे जबलपुर, श्रीतमिल
(5) पुत्र कामराज और विराज (5) पुत्र कृष्ण सोनी और मयूरम (9 वर्ष) पुत्र
परिमल शामिल हैं। अब सिर्फ कामराज आर पुत्र श्रीरामालिंगम ही लापता हैं।
उनकी तलाश जारी है। एनडीआरएफ-एसडीआरएफ के साथ सेना के जवान भी सर्चिंग में
जुटे हैं।
बरगी सिटी सीएसपी अंजुल अयंक मिश्रा ने बताया कि बरगी
क्रूज हादसे में जान गंवाने वाले तमिलनाडु के पर्यटकों के शव उनके गृह
राज्य भेजे जा रहे हैं। जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से कार्गो विमान के जरिए
शवों को त्रिची रवाना किया गया है। परिजन भी साथ में रवाना हुए हैं।
प्रशासन की ओर से अन्य शवों को भी चरणबद्ध तरीके से उनके गृह राज्यों तक
पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।















