बृहस्पति सिंह के आरोप निराधार, ऐसे व्यक्ति को दोबारा कांग्रेस में न लिया जाए : अजय कुमार गुप्ता
बलरामपुर,।निष्कासित पूर्व विधायक बृहस्पति सिंह द्वारा छत्तीसगढ़
कांग्रेस की सह प्रभारी जरिता लेतफलांग पर जिला अध्यक्ष बनाने के लिए पाँच
से छह लाख रुपये की मांग का लगाया गया आरोप पूरी तरह निराधार और भ्रामक है।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस बयान का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि बृहस्पति
सिंह हमेशा अपने आपको पार्टी से ऊपर समझते रहे हैं, इसी वजह से उन्हें
पार्टी से निष्कासित किया गया था।
जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री
अजय कुमार गुप्ता ने कहा कि बृहस्पति सिंह का राजनीतिक जीवन विवादों से
भरा रहा है। विधानसभा चुनाव के समय उन्होंने तत्कालीन प्रदेश प्रभारी शैलजा
कुमारी पर भी टिकट वितरण को लेकर झूठे आरोप लगाए थे। ऐसे व्यक्ति की नीयत
और विश्वसनीयता दोनों पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने बताया कि 1994 में
बृहस्पति सिंह को कांग्रेस संगठन के सहयोग से निर्विरोध जिला पंचायत सदस्य
बनाया गया था। बाद में उन्हें कोऑपरेटिव बैंक का डायरेक्टर और स्व. अजीत
जोगी के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ एपेक्स बैंक का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
लेकिन सत्ता में आने के बाद उनका व्यवहार बदल गया और वे संगठन के ऊपर खुद
को समझने लगे।
अजय गुप्ता ने कहा कि 2003 में टिकट कटने पर उन्होंने
निर्दलीय चुनाव लड़कर पार्टी को नुकसान पहुँचाया। पुनः अवसर देने के बाद
भी उनमें कोई सुधार नहीं हुआ। विधायक रहते हुए उनका रवैया कार्यकर्ताओं के
प्रति उपेक्षापूर्ण रहा। उन्होंने प्रशासनिक कार्यों में हस्तक्षेप कर पूरे
क्षेत्र में भय और भ्रम का वातावरण बनाया।
महामंत्री ने आरोप लगाया
कि 2018 में कांग्रेस सरकार बनने के बाद भी बृहस्पति सिंह ने संगठन से अलग
अपना समानांतर नेटवर्क चलाया। क्षेत्र के अधिकारी उनकी अनुमति के बिना कोई
कार्य नहीं करते थे। यही नहीं, नगर पंचायत में विपक्षी सदस्यों से मिलकर
अपने ही पार्षदों के वार्ड में विकास कार्य रुकवाए।
उन्होंने कहा कि
जब 2023 के चुनाव में पार्टी ने डॉ. अजय तिर्की को उम्मीदवार बनाया, तब
बृहस्पति सिंह ने कांग्रेस प्रत्याशी का साथ देने के बजाय भाजपा प्रत्याशी
के साथ मंच साझा कर पार्टी विरोधी गतिविधियों में हिस्सा लिया। सरगुजा
राजपरिवार पर उनकी व्यक्तिगत टिप्पणी ने उनकी सोच और स्तर दोनों को उजागर
किया।
अजय गुप्ता ने कहा कि आज जब न पद है, न जिम्मेदारी, तो वे
केवल सनसनी फैलाने के लिए कांग्रेस पर झूठे आरोप लगा रहे हैं। उन्होंने
छत्तीसगढ़ कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक
बैज से मांग की कि “ऐसे व्यक्ति को कभी भी पुनः कांग्रेस में प्रवेश न दिया
जाए।















