जयपुर,  पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कथित किल्लत को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर सरकार से जनता के सामने वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

गहलोत ने लिखा कि सोमवार को उनके आवास पर जोधपुर से आए कई लोगों ने बताया कि वहां पेट्रोल पंपों पर सीमित मात्रा में पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। कई पेट्रोल पंपों पर ईंधन उपलब्ध ही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जोधपुर से जयपुर तक यात्रा के दौरान लोगों को कई बार पेट्रोल-डीजल भरवाना पड़ रहा है, क्योंकि एक बार में 1000 रुपए से अधिक का ईंधन नहीं दिया जा रहा।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को रसोई गैस सिलेंडर भी समय पर नहीं मिल पा रहे हैं और कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार एक तरफ कह रही है कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं है, जबकि जमीनी हालात अलग दिखाई दे रहे हैं।

गहलोत ने अपनी पोस्ट में लिखा कि पेट्रोल पंप संचालकों से जानकारी लेने पर पता चला कि सरकार की ओर से मौखिक निर्देश देकर सीमित मात्रा में ईंधन देने को कहा गया है। इसी कारण पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं। गहलोत ने कहा कि ऐसी खबरें आ रही हैं कि जोधपुर के करीब 40 प्रतिशत पेट्रोल पंप ड्राई हो चुके हैं।

उन्होंने सरकार से अपील की कि संकट के समय जनता को गुमराह करने के बजाय वास्तविक स्थिति बताई जाए, ताकि लोग पहले से तैयारी कर सकें और वैकल्पिक व्यवस्थाएं कर सकें।

उन्होंने कहा कि अपुष्ट जानकारियों और अस्पष्ट स्थिति के कारण अफवाहें फैलती हैं, जिससे भ्रम और अव्यवस्था की स्थिति पैदा होती है।