‘लाल-बाल-पाल’ के प्रखर राष्ट्रवादी नेता विपिन चंद्र पाल की पुण्यतिथि
इतिहास के पन्नों में 20 मई : ‘लाल-बाल-पाल’ के प्रखर राष्ट्रवादी नेता विपिन चंद्र पाल की पुण्यतिथि
इतिहास में 20 मई का दिन कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी रहा है, लेकिन भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के संदर्भ में यह दिन विशेष महत्व रखता है। आज ही के दिन वर्ष 1932 में महान स्वतंत्रता सेनानी और प्रखर राष्ट्रवादी नेता बिपिन चंद्र पाल का निधन हुआ था। उन्हें भारत में उग्र राष्ट्रवाद और क्रांतिकारी विचारधारा के प्रमुख प्रेरकों में गिना जाता है।
विपिन चंद्र पाल प्रसिद्ध राष्ट्रवादी त्रयी ‘लाल-बाल-पाल’ के प्रमुख सदस्य थे। इस समूह में लाला लाजपत राय, बाल गंगादर तिलक और विपिन चंद्र पाल शामिल थे। इन नेताओं ने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी और ब्रिटिश शासन के खिलाफ जनजागरण का व्यापक अभियान चलाया।
उस समय भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन में दो धाराएं प्रमुख थीं। एक पक्ष संवैधानिक सुधारों और शांतिपूर्ण तरीकों के माध्यम से आजादी हासिल करने का समर्थक था, जबकि दूसरा पक्ष अधिक दृढ़ और आक्रामक रणनीति के पक्ष में था। विपिन चंद्र पाल इस विचार के समर्थक थे कि केवल राजनीतिक याचिकाओं से स्वतंत्रता हासिल करना संभव नहीं होगा और इसके लिए जनता के भीतर राष्ट्रीय चेतना तथा आत्मनिर्भरता की भावना जगाना जरूरी है।
उन्होंने स्वदेशी आंदोलन, विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और राष्ट्रीय शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वे एक प्रभावशाली वक्ता, लेखक और पत्रकार भी थे, जिन्होंने अपने लेखन और भाषणों के माध्यम से लोगों में देशभक्ति की भावना को मजबूत किया।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में विपिन चंद्र पाल का योगदान केवल राजनीतिक नेतृत्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि उन्होंने वैचारिक स्तर पर भी आंदोलन को नई ऊर्जा दी। आज भी उन्हें उन नेताओं में याद किया जाता है जिन्होंने स्वतंत्रता की लड़ाई को जनआंदोलन का स्वरूप देने में अहम भूमिका निभाई।
महत्वपूर्ण घटनाचक्र
1498 – वास्को डी गामा का भारत आगमन।
1609 - विलियम शेक्सपियर की कविताओं का पहला संग्रह "सॉनेट्स" प्रकाशित हुआ था।
1873 – लिवाइस जींस का जन्म और कपड़ों की दुनिया में क्रांति।
1875 – मीट्रिक सिस्टम को मिली अंतरराष्ट्रीय मान्यता।
1927 – पहली एकल अटलांटिक पार उड़ान की शुरुआत।
1995 - रूस द्वारा मानव रहित अंतरिक्ष 'स्पेक्त्र' का सफल प्रक्षेपण।
1999 - कुर्द विद्रोही नेता सेमडिम साकिक को मृत्युदंड की सज़ा।
2000 - फिजी में बंदूक़धारियों के नेता जार्ज स्पेट ने देश के अंतरिम प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।
2001 - अफगानिस्तान में तालिबान ने हिन्दुओं की अलग पहचान के लिए ड्रेस कोड बनाया।
2003 - पाकिस्तान ने उग्रवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिद्दीन पर प्रतिबंध लगाया।
2004 - ताइवान में नवगठित सरकार ने शपथ ग्रहण की। यूरोपीय संघ के बाद अमेरिका ने भी कृषि निर्यात सब्सिडी कम करने की घोषणा की।
2006 - चीन ने कहा ताइवान विश्व स्वास्थ्य संगठन की सदस्यता का पात्र नहीं।
2011- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने मध्य प्रदेश के बीना में हज़ारों करोड़ की लागत से बनी ऑयल रिफ़ाइनरी देश को समर्पित की। यह भारत पेट्रोलियम लिमिटेड, ओमान ऑयल कम्पनी तथा मध्य प्रदेश सरकार के प्रयासों से बनी विश्व स्तरीय परियोजना है।
2011- झारखंड की पर्वतारोही प्रेमलता अग्रवाल ने दुनिया के सबसे ऊंचे पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाली सबसे उम्रदराज भारतीय महिला होने का गौरव हासिल करते हुए पर्वतारोहण के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा।
जन्म
1900- सुमित्रानंदन पंत- प्रसिद्ध हिन्दी कवि।
1918- पीरू सिंह - भारतीय सेना के वीर अमर शहीदों में एक।
1926 - गोदे मुरहारी - छठवीं लोकसभा में लोकसभा उपाध्यक्ष थे।
1941 - गोह चोक टोंग- सिंगापुर के दूसरे प्रधानमंत्री
1977 - अंजुम चोपड़ा - भारत की राष्ट्रीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य और पूर्व कप्तान हैं।
निधन
1766 - मल्हारराव होल्कर - इंदौर के होल्कर वंश के प्रवर्तक थे।
1929- राजकुमार शुक्ल- स्वतंत्रता सेनानी एवं चंपारण सत्याग्रह के प्रमुख लोगों में से एक।
1932 - विपिन चन्द्र पाल - भारत में 'क्रान्तिकारी विचारों के जनक'।
1957 - टी. प्रकाशम, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी और आंध्रा राज्य के प्रथम मुख्यमंत्री।
1972 - गयाप्रसाद शुक्ल 'सनेही', ब्रजभाषा के प्रसिद्ध कवि।
1994 - कासू ब्रह्मानंद रेड्डी - भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनीतिज्ञ थे, जो आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे।
2012 - लीला दुबे - एक प्रसिद्ध मानव विज्ञानी और नारीवादी विद्वान














