आसनसोल,  आसनसोल के रेलपार इलाके स्थित जहांगीरी मोहल्ला पुलिस चौकी पर हुए पथराव मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कुल 26 आरोपितों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया। मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस ने सात आरोपितों को रिमांड पर लेने की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए अदालत ने उन्हें आठ दिनों की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। रिमांड पर भेजे गए आरोपितों में मोहम्मद चांद, मोहम्मद शहाबुद्दीन, मोहम्मद मोहसिन नजीर, मोहम्मद सलमान, मोहम्मद सद्दाम, मोहम्मद नौशाद, अहमद रजा शामिल हैं, जबकि बाकी सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच रविवार रात एक अफवाह ने इलाके में तनाव की स्थिति पैदा कर दी। खबर फैल गई कि गिरफ्तार आरोपितों में से एक, मोहम्मद सद्दाम की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है। इस अफवाह के फैलते ही रेलपार क्षेत्र के सैकड़ों लोग आसनसोल नॉर्थ थाना पहुंच गए और थाने का घेराव कर अपने परिजनों से मिलने की मांग करने लगे। स्थिति को संभालते हुए पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी परिजनों को उनके गिरफ्तार परिजनों से मुलाकात कराई।

मुलाकात के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली और संतोष व्यक्त किया कि उनके बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और उनके साथ किसी प्रकार का दुर्व्यवहार नहीं किया गया है। इस संबंध में कांग्रेस नेता शाह आलम खान ने बताया कि शहर में एक झूठी अफवाह फैल गई थी, जिससे परिजन घबरा गए थे। हालांकि, थाने पहुंचकर उन्होंने खुद स्थिति की जांच की और सभी आरोपितों के सुरक्षित होने की पुष्टि की।

वहीं, स्थानीय पार्षद एस. एम. मुस्तफा ने कहा कि मोहम्मद सद्दाम को लेकर फैली अफवाह ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया था। लोग अपने-अपने परिजनों को लेकर चिंतित हो गए थे और इसी कारण बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए। उन्होंने बताया कि पुलिस ने सभी अभिभावकों को उनके बच्चों से मिलवाकर स्थिति स्पष्ट कर दी, जिससे लोगों को भरोसा हुआ कि किसी के साथ कोई अत्याचार नहीं हुआ है।

मोहम्मद सद्दाम के पिता ने भी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें गलत सूचना मिली थी कि उनके बेटे की पुलिस हिरासत में मौत हो गई है। उन्होंने कहा कि सद्दाम उनका इकलौता बेटा है, इसलिए वह बेहद चिंतित हो गए थे। बाद में सच्चाई सामने आने पर उन्होंने पुलिस से माफी मांगी और स्वीकार किया कि यह सब एक अफवाह के कारण हुआ।

पुलिस प्रशासन ने भी इस घटना के बाद आम लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और बिना पुष्टि के ऐसी खबरों को न फैलाएं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और अनावश्यक तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।