गड़बेता में भाजपा-माकपा कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष, दोनों पक्षों के 30 लोग घायल
मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर जिले के गड़बेता में शुक्रवार देर शाम तक चली भाजपा और माकपा (सीपीएम) कार्यकर्ताओं के बीच संघर्ष के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई। घटना के बाद दोनों दलों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। दोनों पक्षों के दावों के अनुसार, कम से कम 30 लोग घायल हुए हैं।
माकपा का आरोप है कि भाजपा के लोग उनके पार्टी कार्यालय पर कब्जा करने के उद्देश्य से वहां भगवा रंग करने पहुंचे थे। स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद विवाद शुरू हुआ। वहीं, भाजपा का आरोप है कि उनके कार्यकर्ता वहां चाय पीते हुए बातचीत कर रहे थे। संगठन के बढ़ते प्रभाव को देखकर माकपा के लोगों ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
एक समय गड़बेता में माकपा का प्रभाव काफी मजबूत था। उस इलाके में तपन घोष और शुकुर अली के नाम प्रमुखता से लिए जाते थे। स्थानीय स्तर पर यह कहावत भी प्रचलित थी कि ‘शुकुर-तपन के बिना इलाके में पेड़ का पत्ता भी नहीं हिलता।’ इसके बाद राजनीतिक परिस्थितियां बदलीं। राज्य में 15 वर्षों तक तृणमूल कांग्रेस सत्ता में रही और अब भाजपा सत्ता में है। माकपा सूत्रों के अनुसार, राज्य में भाजपा के सत्ता में आने के बाद माकपा इलाके में अपने संगठन को फिर से मजबूत करने का प्रयास कर रही थी।
आरोप है कि शुक्रवार शाम खड़खुश्मा गांव से विवाद की शुरुआत हुई। भाजपा का दावा है कि खड़खुश्मा मंडल के महासचिव पवन सामंत कुछ लोगों के साथ बातचीत कर रहे थे। उसी समय माकपा के लोग वहां पहुंचे और उन पर हमला कर दिया। इसके विपरीत माकपा का आरोप है कि भाजपा के लोग उनके पार्टी कार्यालय में भगवा रंग करने पहुंचे थे और वहीं से अशांति की शुरुआत हुई।
माकपा का आरोप है कि खड़खुश्मा से लौटने के बाद भाजपा के लोगों ने गड़बेता शहर में स्थित माकपा के जोनल पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ की और वहां आग लगा दी। तपन घोष के पेट्रोल पंप में भी तोड़फोड़ करने का प्रयास किए जाने का आरोप है। घटना की सूचना मिलने के बाद गड़बेता थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
पश्चिम मेदिनीपुर के माकपा जिला सचिव विजय पाल ने आरोप लगाया कि भाजपा गांवों में संगठन के मामले में माकपा को टक्कर नहीं दे पाने के कारण पुलिस की मदद से पार्टी कार्यालय में तोड़फोड़ कर आग लगा रही है। उन्होंने पेट्रोल पंप में तोड़फोड़ और आग लगाने के प्रयास का भी आरोप लगाया।
वहीं, गड़बेता के भाजपा विधायक प्रदीप लोधा ने आरोप लगाया कि माकपा के लोगों ने बिना किसी कारण उनके कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट शुरू कर दी। उनके अनुसार, भाजपा के कम से कम 25 कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोगों ने कुछ नहीं किया और जो कुछ हुआ, वह जन आक्रोश था। उन्होंने कहा कि भाजपा गड़बेता में किसी तरह की अशांति नहीं चाहती।














