हिमाचल में जिला परिषद चुनाव नतीजों में भाजपा का पलड़ा भारी, कई दिग्गजों के परिवारों को झटका
शिमला, हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद चुनावों की मतगणना जारी है और अब तक सामने आए नतीजों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है। राज्य चुनाव आयोग के अनुसार 251 जिला परिषद वार्डों में से 150 से अधिक वार्डों के परिणाम घोषित किए जा चुके हैं। भाजपा ने दावा किया है कि अब तक घोषित करीब 150 वार्डों में से 95 वार्डों में उसके समर्थित उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।
अब तक उना जिले के 17 में से 16, बिलासपुर के 14 में से 6, कांगड़ा के 54 में से 22, किन्नौर के 10 में से 9, कुल्लू के 14 में से 11, शिमला के 25 में से 19, हमीरपुर के सभी 19, मंडी के 36 में से 23, चंबा के 18 में से 12, लाहौल-स्पीति के 10 में से 2, सिरमौर के 17 में से 12 और सोलन के 17 में से 12 वार्डों के नतीजे घोषित किए जा चुके हैं।
इन नतीजों के बीच कई राजनीतिक परिवारों को भी झटका लगा है। मंडी जिले में बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जहां पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर की बेटी व मंडी जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंपा ठाकुर कोटली वार्ड से चुनाव हार गईं। उन्हें 2,464 मतों के बड़े अंतर से पराजय का सामना करना पड़ा। वहीं जिला के धर्मपुर क्षेत्र के टीहरा वार्ड से पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता महेंद्र सिंह ठाकुर की बेटी वंदना गुलेरिया भी चुनाव नहीं जीत सकीं। वंदना गुलेरिया 47 मतों के मामूली अंतर से हार गईं। वहीं, चंपा ठाकुर 2 हजार 464 मतों के बड़े अंतर से पराजित हुईं।
सिरमौर जिले में भी कांग्रेस को झटका लगा है। यहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार और उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान के गृह वार्डों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों को हार का सामना करना पड़ा है। इसे कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है।
किन्नौर जिले में भाजपा का प्रदर्शन खासा मजबूत रहा है। यहां अब तक घोषित 9 वार्डों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है। वहीं कुल्लू जिले के 14 में से 11 वार्डों के नतीजे सामने आ चुके हैं और वहां भी मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है।
चंबा जिले से भाजपा के लिए सकारात्मक खबर आई है। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पंडित तुलसी राम की पत्नी लीला देवी जिला परिषद चुनाव जीतने में सफल रही हैं।
हालांकि सभी 251 वार्डों के नतीजे अभी आने बाकी हैं, लेकिन अब तक के रुझान और घोषित परिणाम यह संकेत दे रहे हैं कि ग्रामीण हिमाचल में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को बढ़त मिल रही है। वहीं कई बड़े नेताओं के परिवारों और प्रभाव वाले क्षेत्रों में मिली हार ने इन चुनावों को और भी दिलचस्प बना दिया है। अंतिम तस्वीर सभी परिणाम घोषित होने के बाद ही साफ होगी, लेकिन शुरुआती नतीजों में भाजपा का पलड़ा फिलहाल भारी नजर आ रहा है।















