भगिनी निवेदिता की जयंती पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दी श्रद्धांजलि
कोलकाता, बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार सुबह स्वामी विवेकानंद की शिष्या भगिनी निवेदिता की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने समाज माध्यम पर संदेश साझा कर भगिनी निवेदिता के प्रति अपना सम्मान व्यक्त किया।
भगिनी निवेदिता का मूल नाम मार्गरेट एलिजाबेथ नोबल था। उनका जन्म 28 अक्टूबर 1867 को आयरलैंड में हुआ था। वह एक शिक्षिका, लेखिका और समाजसेवी थीं। स्वामी विवेकानंद के विचारों से प्रभावित होकर उन्होंने भारत को अपनी कर्मभूमि बनाया और अपना जीवन समाज सेवा तथा महिला शिक्षा के लिए समर्पित कर दिया।
25 मार्च 1898 को स्वामी विवेकानंद से दीक्षा लेने के बाद उन्हें निवेदिता नाम मिला। उन्होंने कोलकाता में बालिकाओं की शिक्षा के लिए विद्यालय की स्थापना की। उस समय महिलाओं की शिक्षा को बढ़ावा देना एक बड़ी सामाजिक चुनौती थी। भगिनी निवेदिता ने इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
वर्ष 1899 में कोलकाता में प्लेग महामारी के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना रोगियों की सेवा की। वह भारतीय संस्कृति, शिक्षा और राष्ट्रीय चेतना के प्रति समर्पित थीं। उन्होंने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े देशभक्तों और क्रांतिकारियों का भी समर्थन किया।
भगिनी निवेदिता का निधन 13 अक्टूबर 1911 को दार्जिलिंग में हुआ था। महिला शिक्षा, समाज सेवा और भारत के प्रति उनके समर्पण के कारण उन्हें आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।














