गंगापुर कसधना में कलाकारों ने जीवंत अभिनय से बांधा समां, जटायु मरण के दृश्य ने किया भावुक

मीरजापुर,  उत्तर प्रदेश के जनपद मीरजापुर में जिगना क्षेत्र के गंगापुर कसधना गांव में सोमवार रात सीताहरण और जटायु मरण का भावपूर्ण मंचन किया गया। अवधूत संत बाबा लाल नाथ रामलीला समिति की ओर से आयोजित रामलीला में बड़ी संख्या में दर्शक जुटे। कलाकारों ने जीवंत अभिनय से दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

मंचन के दौरान स्वर्ण मृग के पीछे गए भगवान राम के बाण से घायल मारीच ने ‘हे लक्ष्मण, हे सीते’ की आवाज लगाई। सीता ने लक्ष्मण को राम की सहायता के लिए भेजने का आग्रह किया। इसके बाद लक्ष्मण कुटिया के बाहर रेखा खींचकर चले गए। साधु का वेश धारण कर पहुंचे रावण ने भिक्षा मांगते हुए सीता को लक्ष्मण रेखा पार करने के लिए विवश किया। रेखा पार करते ही रावण ने अपना असली रूप दिखाया और सीता का हरण कर लिया।

सीता की पुकार सुनकर जटायु ने रावण को रोकने का प्रयास किया। दोनों के बीच युद्ध हुआ, जिसमें रावण ने तलवार से प्रहार कर जटायु को घायल कर दिया। सीता की खोज में निकले राम और लक्ष्मण को रास्ते में मरणासन्न जटायु मिला। जटायु ने राम को रावण द्वारा सीता हरण की जानकारी दी। इसके बाद भगवान राम ने जटायु को गले लगाकर उसका अंतिम संस्कार किया। इस दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

राम की भूमिका में श्रेयस, लक्ष्मण की भूमिका में सुचित, सीता के रूप में आयुष और रावण की भूमिका में सुरेश पांडेय ने अभिनय से दर्शकों की सराहना बटोरी। समिति के अध्यक्ष अंजनी नंदन पांडेय और महामंत्री गिरिजानंद दुबे सहित अन्य पदाधिकारी आयोजन की व्यवस्था में जुटे रहे।