अमेरिका: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की बढ़ती लोकप्रियता के बीच ChatGPT की मेडिकल सलाह को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अमेरिका में OpenAI के खिलाफ एक नया मुकदमा दायर किया गया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि ChatGPT ने मिर्गी (Epilepsy) से पीड़ित 31 वर्षीय महिला को डॉक्टर की सलाह के बिना उसकी दवा की खुराक कम करने और अंततः बंद करने के लिए मार्गदर्शन दिया। इसके बाद फरवरी 2026 में महिला की मौत हो गई।

मृतका की पहचान बोवेन वान (Bowen Wan) के रूप में हुई है। वह Amazon में मशीन लर्निंग सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करती थीं। उनके माता-पिता ने आरोप लगाया है कि ChatGPT की गलत और खतरनाक मेडिकल सलाह ने उनकी बेटी की जान जोखिम में डाल दी। इस मामले में OpenAI और कंपनी के CEO सैम ऑल्टमैन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, बोवेन वान लंबे समय से मिर्गी की बीमारी से पीड़ित थीं और उन्हें दौरे नियंत्रित रखने के लिए डॉक्टर ने लैमोट्रिजीन (Lamotrigine) नाम की दवा दी थी। बताया गया है कि इस दवा से उनके दौरे पहले की तुलना में काफी कम हो गए थे।

मुकदमे में दावा किया गया है कि मई 2025 से उन्होंने ChatGPT से अपनी दवाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर बातचीत शुरू की। शुरुआत में AI ने उन्हें न्यूरोलॉजिस्ट से संपर्क करने की सलाह दी थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर दवा की खुराक घटाने के लिए चरणबद्ध योजना भी बताई।

परिवार का आरोप है कि ChatGPT ने उन्हें 25 दिनों के भीतर दवा की खुराक धीरे-धीरे घटाकर शून्य तक लाने का कार्यक्रम दिया। इस दौरान डॉक्टर की निगरानी में दवा बंद कराने के बजाय AI के सुझावों पर भरोसा किया गया।

डॉक्टर की सलाह पर भी उठाए सवाल

मुकदमे में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब बोवेन वान ने अपने डॉक्टर की सलाह को लेकर संदेह जताया, तो ChatGPT ने उनकी चिंताओं को उचित ठहराया। परिवार का दावा है कि AI ने उन्हें दवा कम करने के फैसले को डॉक्टरों से छिपाने के लिए भी प्रोत्साहित किया।

शिकायत के अनुसार, दवा की खुराक कम करने के बाद बोवेन ने भ्रम, याददाश्त में परेशानी और असामान्य शारीरिक संवेदनाओं जैसे लक्षणों का जिक्र किया था। आरोप है कि ChatGPT ने इन लक्षणों को दवा की खुराक में बदलाव के दौरान मस्तिष्क के अनुकूल होने की प्रक्रिया बताकर आश्वस्त किया।

परिवार का कहना है कि ऐसी स्थिति में AI को तत्काल डॉक्टर से संपर्क करने या आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेने की सलाह देनी चाहिए थी।

फरवरी 2026 में हुई मौत, परिवार ने मांगा न्याय

फरवरी 2026 में बोवेन वान की मौत हो गई। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी मौत को SUDEP यानी Sudden Unexpected Death in Epilepsy से संबंधित बताया गया है। यह मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति की अचानक और अप्रत्याशित मृत्यु की स्थिति है।

मुकदमे में दावा किया गया है कि मृत्यु के समय उनके शरीर में लैमोट्रिजीन का स्तर दवा के सामान्य चिकित्सकीय स्तर से काफी कम था। परिवार का आरोप है कि दवा बंद करने के लिए AI द्वारा दिए गए कथित निर्देशों ने उनकी मौत में भूमिका निभाई।

हालांकि, इन आरोपों की न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है। अदालत में यह तय होना है कि ChatGPT की सलाह और महिला की मौत के बीच कानूनी रूप से क्या संबंध था।

AI की मेडिकल सलाह पर क्यों उठ रहे सवाल?

यह मामला केवल एक व्यक्ति की मौत तक सीमित नहीं है। इससे यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या AI चैटबॉट को स्वास्थ्य और दवाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में स्पष्ट सीमाओं के भीतर काम करना चाहिए।

ChatGPT जैसे AI टूल सामान्य स्वास्थ्य जानकारी समझने, मेडिकल रिपोर्ट के शब्दों का अर्थ बताने और डॉक्टर से पूछे जाने वाले सवाल तैयार करने में मदद कर सकते हैं। लेकिन दवा की खुराक बदलना, इलाज बंद करना या बीमारी का अंतिम निदान करना विशेषज्ञ डॉक्टर का काम है।

विशेष रूप से मिर्गी जैसी बीमारी में बिना चिकित्सकीय निगरानी के दवा बंद करना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।

पहले भी ChatGPT की मेडिकल सलाह को लेकर दर्ज हुए हैं मुकदमे

अमेरिका में ChatGPT की मेडिकल सलाह को लेकर इससे पहले भी कानूनी मामले सामने आ चुके हैं।

  • डेविड रोसेन्थल मामला: अक्टूबर 2026 में एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि ChatGPT ने उसे दवाओं की खुराक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में अनुचित सलाह दी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

  • स्कॉट विंटर्स मामला: जुलाई 2026 में फ्लोरिडा के एक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि ChatGPT ने उसके स्वास्थ्य संबंधी लक्षणों को गंभीरता से नहीं लिया और चिकित्सा सहायता लेने में देरी हुई। बाद में उसे जानलेवा पल्मोनरी एम्बोलिज्म हुआ।

  • बोवेन वान मामला: अक्टूबर 2026 में उनके माता-पिता ने आरोप लगाया कि ChatGPT ने मिर्गी की दवा बंद करने की योजना बनाने में भूमिका निभाई, जिसके बाद उनकी बेटी की मौत हो गई।

इन सभी मामलों में लगाए गए आरोपों और अदालत के अंतिम फैसलों के बीच अंतर समझना जरूरी है।

AI कंपनियों के सामने बढ़ी जवाबदेही की चुनौती

AI तकनीक तेजी से स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में इस्तेमाल हो रही है। ऐसे में कंपनियों के सामने यह सुनिश्चित करने की चुनौती है कि उनके चैटबॉट संवेदनशील सवालों पर गलत जानकारी न दें और जरूरत पड़ने पर उपयोगकर्ताओं को योग्य विशेषज्ञों के पास भेजें।

बोवेन वान का मामला AI सुरक्षा, मेडिकल जिम्मेदारी और तकनीकी कंपनियों की जवाबदेही पर नई बहस छेड़ सकता है। अब सबकी नजर इस मामले की कानूनी सुनवाई और OpenAI के पक्ष पर रहेगी।

महत्वपूर्ण संदेश: AI से मिली मेडिकल जानकारी को डॉक्टर की सलाह का विकल्प नहीं मानना चाहिए। किसी भी दवा की खुराक कम करने, बढ़ाने या बंद करने से पहले अपने चिकित्सक से परामर्श करना जरूरी है।

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