वाराणसी में गंगा का रौद्र रूप, रात आठ बजे 69.52 मीटर पहुंचा जलस्तर
खतरे के निशान से 1.74 मीटर दूर गंगा, 4 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा जलस्तर, 144 लोग विस्थापित
वाराणसी, उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी (वाराणसी) में गंगा
का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। रविवार रात आठ बजे केंद्रीय जल
आयोग के राजघाट गेज पर गंगा का जलस्तर 69.52 मीटर दर्ज किया गया। जलस्तर
फिलहाल चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। गंगा का चेतावनी
बिंदु 70.26 मीटर, जबकि खतरे का निशान 71.26 मीटर है। ऐसे में गंगा
चेतावनी बिंदु से महज 74 सेंटीमीटर नीचे रह गई है।
इससे पहले रविवार
दोपहर दो बजे गंगा का जलस्तर 69.26 मीटर दर्ज किया गया था। उस समय जलस्तर
पांच सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा था। दोपहर दो बजे तक
वाराणसी में 14.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। खास बात यह रही कि 30 अगस्त
गंगा के जलस्तर में कुल 17 दिन बढ़ाव और 11 दिन जलस्तर में गिरावट दर्ज की
गई। वहीं एक अगस्त को गंगा का जलस्तर स्थिर रहा।—वरुणा के किनारे के तीन
इलाके प्रभावित
जलस्तर बढ़ने के साथ ही बाढ़ का दायरा भी बढ़ता जा
रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के फ्लड डेली बुलेटिन के अनुसार, गंगा
के पलट प्रवाह से वरुणा नदी के किनारे स्थित सरैया, सलारपुर और नख्खीघाट
के तीन वार्ड/मोहल्ले प्रभावित हुए हैं।
बाढ़ के चलते अब तक 31
परिवारों के 144 लोगों को विस्थापित होना पड़ा है। प्रभावित लोगों को
सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज
कर दिया है।
—तीन राहत शिविरों में 75 लोग
जिला प्रशासन ने
प्रभावित लोगों के लिए तीन राहत शिविर सक्रिय किए हैं। प्राथमिक विद्यालय
सलारपुर, प्राथमिक विद्यालय सरैया और सिटी गर्ल्स स्कूल, बड़ी बाजार में
बनाए गए राहत शिविरों में फिलहाल 75 लोग शरण लिए हुए हैं। इनमें 22 पुरुष,
24 महिलाएं, 25 बच्चे, दो गर्भवती महिलाएं और दो बुजुर्ग शामिल हैं।
—छह नाव और एनडीआरएफ टीम तैनात
बाढ़
प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य के लिए प्रशासन ने छह नावें
और एनडीआरएफ की एक टीम तैनात की है। प्रभावित लोगों को अब तक 28 फ्लड राहत
किट, 110 लंच पैकेट, 30 फल पैकेट और 25 दूध पैकेट वितरित किए गए हैं। इसके
अलावा ओआरएस और क्लोरीन की गोलियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। फिलहाल,
बाढ़ से किसी किसान, फसल या कृषि क्षेत्र को नुकसान दर्ज नहीं किया गया है।
हालांकि, गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने प्रभावित
इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है और राहत-बचाव व्यवस्था को अलर्ट पर रखा है।
चार
सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा
दी है। यदि जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले घंटों में
वाराणसी के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो सकती है।















