बलोचिस्तान में पाकिस्तानी सेना के वाहनों पर हमला, सैन्य अधिकारी और जवानों की मौत
इस्लामाबाद, पाकिस्तान के बलोचिस्तान प्रांत के ग्वादर और पंजगुर जिलों
में 02 मई को हुए दो अलग-अलग बम धमाकों में पाकिस्तान की सेना के वाहनों
को निशाना बनाया गया। सबसे पहले ग्वादर के पसनी इलाके के शादिकुर में
अज्ञात लोगों ने पाकिस्तानी सेना के एक वाहन पर बम से हमला किया। तेज
विस्फोट में वाहन नष्ट हो गया और इस दौरान सैन्य जवान मारे गए। इसके कुछ
देर बाद पंजगुर के चिदगी इलाके में इसी तरह के एक अन्य हमले में कई सैन्य
अधिकारियों की मौत हो गई। सरकारी अधिकारियों ने अभी तक कोई विस्तृत जानकारी
नहीं दी है।
द बलोचिस्तान पोस्ट की रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई।
इस मीडिया प्लेटफार्म की एक अन्य रिपोर्ट में बताया गया है कि खुजदार जिले
से अगवा किए गए एक व्यक्ति की सरकारी एजेंसियों ने रिहाई कर दी है और एक
व्यक्ति को उठा लिया गया है। इस दौरान सरकारी एजेंसियों द्वारा लोगों को
अगवा किए जाने के खिलाफ क्वेटा प्रेस क्लब के सामने जारी धरना रविवार को
6153वें दिन में प्रवेश कर गया।
उल्लेखनीय है कि बलोचिस्तान में
बलोच राष्ट्रवादियों और पाकिस्तान की संघीय सरकार के बीच संघर्ष का सिलसिला
दशकों पुराना है। संघर्ष की पृष्ठभूमि 15 अगस्त 1947 को शुरू होती है।
कलात (बलोचिस्तान) ने खुद को अलग करने की घोषणा की थी लेकिन मार्च 1948 में
पाकिस्तान ने इसे अपने कब्जे में ले लिया। तब से अब तक पांच अलग-अलग
विद्रोह हो चुके हैं। वर्तमान सशस्त्र संघर्ष 2000 के दशक की शुरुआत से
सबसे तीव्र रहा है। बलोचिस्तान प्राकृतिक गैस, तेल, सोने और तांबे जैसे
संसाधनों से समृद्ध है।
बलोच राष्ट्रवादियों का आरोप है कि
पाकिस्तान की सरकार इन संसाधनों का दोहन करती है, जबकि यह क्षेत्र देश का
सबसे कम विकसित और गरीब प्रांत बना हुआ है। यहां बलोच लिबरेशन आर्मी और
बलोच लिबरेशन फ्रंट जैसे सशस्त्र समूह 'आजाद बलूचिस्तान' के लिए
पाकिस्तान की सेना पर लगातार हमले करते रहते हैं। बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी
ने हाल ही में पाकिस्तान की सेना पर कई बड़े हमले किए हैं, जिसमें 10
दिनों के भीतर 40 से अधिक सैनिकों के मारे जाने का दावा किया गया है।















