कतर के प्रधानमंत्री ने ईरान के विदेशमंत्री को टकराव रोकने के लिए दी सूझबूझ से काम लेने की सलाह

वाशिंगटन/दोहा/तेहरान,  ईरान ने अमेरिका को नया शांति प्रस्ताव है। यह प्रस्ताव 14 सूत्रीय है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया है कि यह प्रस्ताव मिल चुका है। उन्होंने शनिवार को पाम बीच इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर पत्रकारों को यह जानकारी दी। ट्रंप ने साफ किया कि उन्होंने अभी भी नहीं लग रहा कि ईरान से बात बन पाएगी। उन्होंने कहा कि वह शांति प्रस्ताव की गहराई से समीक्षा करेंगे। इस बीच अमेरिका-इजराइल के फरवरी के आखिर में किए गए सैन्य हमले के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में संकट लगातार गहरा रहा है। कतर के प्रधानमंत्री ने ईरान के विदेशमंत्री से सूझबूझ से काम लेने की सलाह दी है।

सीबीएस न्यूज, फॉक्स न्यूज, अल जजीरा और तसनीम की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि ईरान ने अभी-अभी प्रस्ताव भेजा है। बावजूद इसके उन्हें नहीं लगता कि ईरान समझौता कर पाएगा। इसमें आक्रमण न करने की गारंटी, नाकाबंदी हटाने और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करने की मांग की गई थी। उन्होंने कहा, "मैंने इसे अभी देखा नहीं है। मैं प्रस्ताव की समीक्षा करूंगा। इसके बाद ही हमारे रुख की मीडिया को आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।''

ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत के कुछ समय बाद ट्रुथ सोशल पर लिखा, '' मुझे नहीं लगता कि ईरान का शांति प्रस्ताव स्वीकार्य होगा। ईरान ने पिछले 47 वर्षों में मानवता और दुनिया के साथ जो कुछ भी किया है, उसके लिए उसने अभी पूरी कीमत नहीं चुकाई है। वह इस प्रस्ताव को एयरफोर्स वन में पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि ईरान में सब कुछ तबाह हो चुका है। वह समझौता करने के लिए लालायित है।" उन्होंने दुहराया कि अगर अमेरिका ईरान से हट भी जाए तो तबाह हुए मुल्क को खड़ा होने में 20 साल लग जाएंगे।

ट्रंप ने कहा, '' मुश्किल यह है कि यही समझ में नहीं आ रहा का इस समय ईरान का सर्वमान्य नेता कौन है। कभी कोई आगे आ जाता है तो कभी कोई। ऐसी स्थिति में इस बात की पक्की संभावना है कि अमेरिका फिर से कुछ ठिकानों पर सैन्य हमले शुरू कर सकता है। अगर ईरान ने कोई बेजा हरकत की तो उसके लिए बहुत बुरा होगा। '' ट्रंप की हमले की टिप्पणी के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने कहा कि वह अमेरिका के साथ फिर से युद्ध के लिए तैयार है।

इस बीच व्हाइट हाउस ने शनिवार को पुष्टि की कि निक स्टीवर्ट ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के लिए काम कर रही राजनयिक टीम में शामिल हो गए हैं। वह राष्ट्रपति ट्रंप के पहले कार्यकाल के दौरान विदेश विभाग के सदस्य रहे हैं। वह तेजतर्रार और अनुभवी नीति विशेषज्ञ हैं। वह विशेष दूत स्टीव विटकॉफ की प्रतिभाशाली टीम के अहम सदस्य हैं। इससे पहले शनिवार दिन में ईरान के सरकारी मीडिया आउटलेट तसनीम न्यूज ने खुलासा किया था कि तेहरान ने अमेरिका को 14 सूत्रीय प्रस्ताव सौंपा है।

इस सैन्य घमासान से चिंतित कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान बिन जसीम अल-थानी ने शनिवार को ईरान के विदेशमंत्री अब्बास अराघची से बातचीत की है। यह तब है कि जब इजराइल और अमेरिका के हमलों के बाद दोनों देशों पर दबाव बढ़ाने के लिए कतर के नेचुरल गैस प्लांट और हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया है।

कतर के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, " प्रधानमंत्री ने शांतिपूर्ण तरीकों से संकट को हल करने के उद्देश्य से किए जा रहे मध्यस्थता प्रयासों के लिए कतर राज्य के पूर्ण समर्थन की पुष्टि की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी पक्षों को इन प्रयासों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देनी चाहिए, जिससे बातचीत में प्रगति के लिए अनुकूल माहौल बनाने में मदद मिले और तनाव के फिर से बढ़ने का खतरा कम हो।" प्रधानमंत्री अल-थानी ने कहा कि ईरान को सूझबूझ से काम लेने के साथ अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करना चाहिए।