पेशावर (खैबर पख्तूनख्वा) पाकिस्तान, संघीय सरकार के खैबर पख्तूनख्वा में आपातकाल लगाने और राज्यपाल शासन लागू करने के बाद राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नेशनल अकाउंटेबिलिटी ब्यूरो/ एनबीए) ने अधिकार मुक्त और निलंबित मुख्यमंत्री के आवास मामलों में विशेष सहायक और प्रांतीय विधानसभा प्रतिनिधि (एमपीए) डॉ. अमजद अली व कुछ अन्य पर शिकंजा कसना शुरू किया है। सभी को आज अपने दफ्तर में तलब किया है। उन पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति जमा करने का संदेह जताया गया है।

द न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार,अली को पेशावर के हयाताबाद स्थित एनएबी कार्यालय में बुलाया गया है। ब्यूरो ने बताया कि एक शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई है। एनबीए ने इन आरोपों की जांच के तहत 'नेशनल अकाउंटेबिलिटी ऑर्डिनेंस, 1999' की धारा 19 के अंतर्गत 16 अक्टूबर को अली समेत पांच लोगों को नोटिस जारी किया है। इनमें अली के अलावा बाचा सैयद, मोहम्मद आरिफ शाह, सिराज अहमद और नवीद अहमद को भी तलब किया गया है।

ब्यूरो ने विभिन्न हाउसिंग सोसायटियों से संपत्ति के रिकॉर्ड मांगे हैं। इनमें आवंटन, स्वामित्व और भुगतान का विवरण शामिल है। इसके अलावा खैबर पख्तूनख्वा के अकाउंटेंट जनरल से अली के वेतन, भत्तों, अन्य लाभों और यात्रा खर्चों का रिकॉर्ड भी मांगा है। एनएबी ने चेतावनी दी है कि नोटिस का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह जांच अली से जुड़ी पिछली अदालती कार्यवाही की पृष्ठभूमि में हो रही है।