ईरान के साथ बातचीत के बीच ओमान में कार्गो जहाज पर
मस्कट/तेहरान/वाशिंगटन, ईरान में होर्मुज जलडमरूमध्य पर इस साल 28 फरवरी से
फैले तनाव ने सारी दुनिया की नींद उड़ा दी है। अमेरिकी और ईरानी सेना का यह
टकराव समूचे मध्य पूर्व (पश्चिम एशिया) को प्रभावित कर रहा है। इस समय
ईरान की ओमान के साथ होर्मुज को लेकर बातचीत चल रही है। मगर ओमान के पास
एक कार्गो जहाज पर हुए ताजा हमले से बातचीत में गतिरोध की आशंका बढ़ गई है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि ईरान के लिए
शर्तें मानने का यह आखिरी मौका है। ईरान ने कहा है कि उसे धमकी की परवाह
नहीं। उसकी सेना हमले की स्थिति पर जवाब देने के लिए तैयार है।
अल
जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स
(यूकेएमटीओ ऑपरेशन्स सेंटर) ने एक्स हैंडल पर ओमान के पास कार्गो जहाज पर
किसी चीज से हमला करने की सूचना साझा की है। इसमें कहा गया है कि ओमान के
खसाब से 20 नॉटिकल मील (37 किलोमीटर) उत्तर-पूर्व में एक कार्गो जहाज पर
किसी अज्ञात चीज (प्रोजेक्टाइल) से हमला हुआ है। अधिकारी इस घटना की जांच
कर रहे हैं। सेंटर ने इलाके में मौजूद जहाजो को सावधानी से चलने और किसी भी
संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की सलाह दी है।
ईरान ने पहली बार
सार्वजनिक रूप से पुष्टि की है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ओमान के साथ
बातचीत में प्रगति हो रही है। ईरान ने अमेरिका के साथ सीधी बातचीत के दावे
से इनकार किया है। होर्मुज में शांति लौटे, इसके लिए कतर और पाकिस्तान
सहित क्षेत्रीय मध्यस्थ पर्दे के पीछे सक्रिय हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय
ने सोमवार को घोषणा की कि ओमान के साथ बातचीत जहाजों के लिए एक अस्थायी
रास्ता बनाने पर केंद्रित है। अगर बातचीत सफल होती है तो इस जलमार्ग में
ईरानी और ओमानी दोनों रास्तों को मिला दिया जाएगा। मध्यस्थों का कहना है कि
यह ईरान और अमेरिका के बीच विश्वास बढ़ाने की दिशा में पहला कदम हो सकता
है।
ईरान ने इस राजनयिक गतिशीलता के बीच कहा कि उसे अमेरकी धमकी की
कोई परवाह नहीं है। देश की सैन्य प्रतिरोधक क्षमता बरकरार है। ईरान के
रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स ने घोषणा की है कि वह किसी भी खतरे का जवाब
देने के लिए तैयार है। इस पर अमेरिकी मध्य कमान (सेंटकॉम) ने कहा है कि
अमेरिकी सेना होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों की सुरक्षा के लिए
पूरी तरह तैयार है। शांति प्रयासों के बीच ट्रंप ने ईरान पर अमेरिका के
पहले से तय 'बड़े' हमले की योजना की पुष्टि की, लेकिन कहा कि उन्होंने संयम
बरतना बेहतर समझा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने ओवल ऑफिस में पत्रकारों से
कहा कि इस बार का हमला 28 फरवरी से बड़ा होता। खाड़ी देशों के आग्रह के बाद
उन्होंने संयम बरतने का फैसला किया और हमले का फैसला स्थगित कर दिया। अगर
यह हमला होता तो ईरान के अंदर हजारों लोगों की जान जाती। उन्होंने दोहराया
कि अब शर्तें मानना ईरानी सरकार पर निर्भर करता है। ट्रंप ने कहा कि ईरान
के पास यह आखिरी मौका है। अगर ईरान परमाणु हथियार कार्यक्रम नहीं रोकता और
होर्मुज जलडमरूमध्य पर रुख में बदलाव नहीं करता तो अंजाम बहुत खराब होगा।















